पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: Purnia News मधेपुरा जिले के बिहारीगंज नहर से बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक छोड़े गए पानी ने रूपौली प्रखंड के लक्ष्मीपुर गिरधर और भिखना पंचायतों के किसानों की मेहनत की कमाई को पानी-पानी कर दिया है। इस अप्रत्याशित जलभराव से सैकड़ों एकड़ में फैली धान सहित अन्य फसलें जलमग्न हो गई हैं, वहीं कई घरों में भी पानी घुसने से ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भिखना गांव के किसान और सामाजिक कार्यकर्ता गब्बर सिंह ने बताया कि यह नहर जोतैली होते हुए लक्ष्मीपुर गिरधर पंचायत के बहदुरा गांव के पंचायत सरकार भवन के पास तक पहुंचती है। सोमवार की सुबह इलाके के लोगों ने जब उठकर देखा तो उनका सारा खेत और घर पानी में डूबा हुआ था। किसी को अंदाजा नहीं था कि रात भर में इतनी बड़ी आपदा कब और कैसे आई। लक्ष्मीपुर गिरधर और भिखना पंचायत का उत्तरी हिस्सा पूरी तरह जलमग्न हो चुका था, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
पानी की अचानक बाढ़ के बारे में सूचित किए जाने पर सीओ शिवानी सुरभि ने तत्काल मधेपुरा नहर विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया और पानी रोकने की व्यवस्था की, लेकिन नहर से लगभग 50 किलोमीटर दूर से आ रहा पानी अभी भी लगातार प्रवाहित हो रहा है। किसानों ने विभाग की लापरवाही और सूचनाओं की कमी को इस संकट का मुख्य कारण बताया है। गब्बर सिंह सहित प्रभावित किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की गंभीरता से जांच हो, ताकि दोषी कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि बिना प्रशासन को सूचित किए नहर में पानी छोड़ना एक गंभीर गलती है, जिसके चलते किसानों की फसलें डूब गईं और घरों को नुकसान पहुंचा। उन्होंने प्रशासन से इस बात की भी मांग की है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कड़े नियम बनाए जाएं और किसानों को पूर्व में ही सूचना दी जाए, ताकि वे अपनी फसल और संपत्ति की सुरक्षा कर सकें।
इस पूरे मामले पर रूपौली अंचल की सीओ शिवानी सुरभि ने कहा कि किसानों की परेशानियों को समझते हुए उन्होंने नहर विभाग से तुरंत पानी बंद करवाने की कार्रवाई की है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जल्द ही फसल नुकसान का आकलन कर किसानों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ताकि किसानों के दर्द पर कुछ राहत पहुंच सके। शिवानी सुरभि ने इस बात पर भी जोर दिया कि नहर विभाग के कर्मियों द्वारा बिना सूचना पानी छोड़ना निंदनीय है और इस पर उचित कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। किसानों के लिए यह समय बहुत ही कठिन है, लेकिन प्रशासन पूरी कोशिश कर रहा है कि जल्द से जल्द स्थिति सामान्य हो और किसानों को न्याय मिले।



