पूर्णिया: Purnia News कुन्दन कुमार, जिला पदाधिकारी, पूर्णिया की अध्यक्षता में “सेफर इंटरनेट डे” के अवसर पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मियों को इंटरनेट के उपयोग में सावधानी और सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साइबर अपराध से बचने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही पर्सनल और ऑफिसियल डिवाइस की सुरक्षा, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया।जिला पदाधिकारी ने इस दौरान सभी विभागों को लाइसेंसी सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर जोर दिया और यह भी कहा कि सभी सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सावधानी, ज्ञान और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।इस अवसर पर, NIC के जिला सूचना-विज्ञान पदाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को https://sancharsaathi.gov.in, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी।इस बैठक में डीडीसी सुश्री चंद्रिमा अत्री, सहायक समाहर्ता श्री रोहित कर्दम, निदेशक डीआरडीए श्री नीरज नारायण पांडेय, अपर समाहर्ता राज कुमार, सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, कार्यपालक अभियंता सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे, जबकि अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे। Post navigationSocial Stress On Child: बच्चों पर सामाजिक तनाव का प्रभाव: अभिभावकों से अपील Purnia News: प्रमंडल स्तरीय उद्यान प्रदर्शनी में कमिश्नर ने किसानों को नवाचार और समृद्धि के लिए प्रेरित किया
पूर्णिया: Purnia News कुन्दन कुमार, जिला पदाधिकारी, पूर्णिया की अध्यक्षता में “सेफर इंटरनेट डे” के अवसर पर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। इस सेमिनार में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मियों को इंटरनेट के उपयोग में सावधानी और सुरक्षा के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। साइबर अपराध से बचने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की गई, साथ ही पर्सनल और ऑफिसियल डिवाइस की सुरक्षा, सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जाने वाले विभिन्न तरीकों पर भी प्रकाश डाला गया।जिला पदाधिकारी ने इस दौरान सभी विभागों को लाइसेंसी सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर जोर दिया और यह भी कहा कि सभी सॉफ्टवेयर को नियमित रूप से अपडेट करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सावधानी, ज्ञान और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।इस अवसर पर, NIC के जिला सूचना-विज्ञान पदाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को https://sancharsaathi.gov.in, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (https://cybercrime.gov.in) और साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 के बारे में जानकारी दी।इस बैठक में डीडीसी सुश्री चंद्रिमा अत्री, सहायक समाहर्ता श्री रोहित कर्दम, निदेशक डीआरडीए श्री नीरज नारायण पांडेय, अपर समाहर्ता राज कुमार, सिविल सर्जन, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, श्रम अधीक्षक, कार्यपालक अभियंता सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद थे, जबकि अनुमंडल एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।