पूर्णिया: Purnia News पूर्णिया के कला भवन में एक साधारण सुबह उस वक्त असाधारण बन गई, जब अचानक रंगों की चुप्पी टूटी और ज़मीन पर उभर आया एक विशाल तिरंगा—ना पोस्टर, ना पेंटिंग, बल्कि 50 से अधिक कलाकारों की मेहनत और जज़्बे से बनी रंगोली, जिसने हर किसी को कुछ पल के लिए स्तब्ध कर दिया। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की यह अनोखी शुरुआत, भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और ईस्टर्न जोन कल्चरल सेंटर (EZCC) कोलकाता के संयुक्त तत्वावधान में हुई, जहां हर रंग कुछ कह रहा था और हर रेखा देशभक्ति का गीत गा रही थी।
उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जहां जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी पंकज कुमार पटेल, प्रख्यात चित्रकार गुल्लू दा, नाट्य निर्देशक कुंदन कुमार सिंह और कोषाध्यक्ष अंजनी श्रीवास्तव की उपस्थिति ने माहौल को गरिमा प्रदान की, लेकिन असली जादू तब हुआ जब गुल्लू दा ने कलाकारों को निर्देश देते हुए रंगोली में तिरंगे की आत्मा उतार दी—हर रंग जैसे बोलने लगा, हर दर्शक जैसे ठहर गया।

संयोजक विश्वजीत कुमार सिंह और EZCC की बिहार प्रभारी राजेश्वरी चंद्रा की देखरेख में शुरू हुए इस आयोजन में आने वाले दिनों में तिरंगा राखी, साइकिल रैली, सेल्फी विथ तिरंगा, क्विज़ और लेखन प्रतियोगिता जैसे कई रोचक कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है, लेकिन शुरुआत ही इतनी चमत्कारी रही कि पूरे शहर में चर्चा है—क्या आपने कला भवन की तिरंगा रंगोली देखी? अगर नहीं, तो शायद आप उस रंगीन लहर से चूक गए हैं, जिसने कला के ज़रिए देशभक्ति को ज़िंदा कर दिया।



