सहरसा, अजय कुमार: Raksha Bandhan 2025 ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान,डॉ रहमान चौक, सहरसा के संस्थापक प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा जी ने बताया है की वैसे तो जिसका उदय उसके अस्त अनुसार, रक्षाबंधन 09 तारीख को पुरे दिन ही मनाई जायेगी। लेकिन मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार, 09 अगस्त को रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त सुबह से ही दोपहर के 1 बजकर 33 मिनट तक है। रक्षाबंधन के दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है, और भाई अपनी बहन को सुरक्षा का वचन देता है, राखी को रक्षा सूत्र भी कहा जाता है।
बहन अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते समय उसकी लंबी आयु की कामना करती है। हिन्दू धर्म के सभी धार्मिक अनुष्ठानों में रक्षासूत्र बाँधते समय आचार्य जी संस्कृत में एक श्लोक का उच्चारण करते हैं। जिसमें रक्षाबन्धन का सम्बन्ध राजा बलि से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है। भविष्यपुराण के अनुसार, इन्द्राणी द्वारा निर्मित रक्षासूत्र को देवगुरु बृहस्पति ने इन्द्र के हाथों बांधते यह श्लोक का उच्चारण किया था।
जो रक्षाबन्धन का मन्त्र है :
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन तवां प्रतिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥



