PURNIA NEWS : बाढ का कहर जारी, लगभग पचास हजार की आवादी प्रभावित, प्रशासन उदासीन

PURNIA NEWS,अभय कुमार सिंह : प्रखंड के 11 पंचायतों में बाढ का कहर जारी है, लगभग पचास हजार की आवादी प्रभावित हो गई है, जबकि प्रशासन अभी तक उदासीन बना हुआ है । प्रतिदिन बाढ नई-नई जगहों को अपनी चपेट में लेता चला जा रहा है, फसलें तो पहले ही डूब चूकी हैं । जबकि यहां स्थानीय पदाधिकारी से लेकर जिला से आए पदाधिकारी इस क्षेत्र का निरीक्षण लगातार कर रहे हैं, परंतु उनका मानना है कि अभी राहत लायक बाढ नहीं आयी है । पशुपालक अपने मवेशियों को लेकर पलायन करने पर मजबूर हो गए हैं, चारा की समस्या मुंह बाए खडी है । यह बता दें पिछले एक पखवारा से यहां के लगभग दस पंचायतें कोयली सिमडा पूरब, पश्चिम, गोडियरपटी श्रीमाता, लक्ष्मीपुर छर्रापटी, भौवा प्रबल, कांप, विजय मोहनपुर, विजय लालगंज, डोभा मिलिक, धूसर टीकापटी एवं नाथपुर पंचायत की लगभग पचास हजार की आवादी बाढ के कहर से कराह रही है । फसलें एक पखवारा पहले ही डूब चूकी हैं । स्थिति यह है कि हर पंचायतों की सडकों पर नाव चलने लगी हैं । जिधर देखें, उधर समंदर जैसे दृश्य दिख रहे हैं । बावजूद प्रशासन यह मानने को तैयार नहीं है कि यहां बाढ आयी हुई है ।

इस संबंध में बाढ के पानी से घिरी बाढ मुखिया पवित्री देवी, पैक्स अध्यक्ष कैलाश भारती, मुखिया अमीन रविदास, मुखिया सुलोचना देवी, मुखिया प्रतिनिधि देवन राम, सांसद प्रतिनिधि पप्पू खान, पंचायत समिति सदस्य सुनील कुमार सुमन, जर्वन झा, विनोद कुमार जायसवाल, सरपंच गौतम गुप्ता, मुखिया शीला भारती, मुखिया पंकज यादव, पूर्व मुखिया विवेकानंद जायसवाल आदि ने बताया कि उनके पंचायत के बाढ पीडितों का दर्द सुननेवाला कोई नहीं है । उनके दर्द को सुनकर कलेजा मुंह को आ रहा है । ऐसा लगता है कि इन बाढ पीडितों का दर्द सुननेवाला कोई नहीं है । अधिकारी बस उपर रिपोर्ट भेज दिये हैं, की बात कहकर पल्ला झाड लेते हैं । इस क्षेत्र में बाढ किस प्रकार अपना विनाशलीला दिखाती है, मुख्यमंत्री स्वयं यहां आकर देख चूके हैं, फिर भी अधिकारियों को यहां बाढ दिखती ही नहीं है । कुल मिलाकर इस भीषण बाढ ने पीडितों की कमर तोड दी है, फसलें नष्ट हो गयी हैं । उन्होंने डीएम अंशुल कुमार से स्वयं इसकी जांच कर, बाढ राहत चलाने की मांग की है ।

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