अररिया, प्रिंस(अन्ना राय): फारबिसगंज शहर में स्वतंत्रता दिवस समारोह से एक दिन पूर्व सुबह में आयोजित होने वाली प्रभात फेरी और माल्यार्पण समारोह के बाद नगर परिषद फारबिसगंज द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र में गंभीर त्रुटियों के कारण विवाद खड़ा हो गया है। यह प्रमाण पत्र उन प्रतिभागियों को दिया गया था जिन्होंने प्रभात फेरी और माल्यार्पण समारोह में भाग लिया था, लेकिन इसमें कई तथ्यात्मक और व्याकरण संबंधी गलतियाँ सामने आई हैं, जो नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती हैं।
प्रमाण पत्र में सबसे बड़ी गलती ‘गणतंत्र दिवस 15 अगस्त 2025’ का उल्लेख है। जैसा कि सर्वविदित है, गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को मनाया जाता है, जबकि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस होता है। और सुबह आयोजित हुई प्रभात फेरी और माल्यार्पण समारोह को पूर्व संध्या बताया गया है वही इस तरह की मूल जानकारी में गलती ने आयोजकों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, प्रमाण पत्र की भाषा और वर्तनी में भी कई अशुद्धियाँ हैं।
इस तरह की गलतियों वाले प्रमाण पत्र का वितरण न केवल प्रतिभागियों के लिए निराशाजनक है, बल्कि यह सरकारी निकायों की कार्यशैली में लापरवाही को भी दर्शाता है। शहर के नागरिकों ने इस मामले पर अपनी चिंता व्यक्त की है और मांग की है कि भविष्य में इस तरह की चूक से बचने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। यह घटना यह भी दर्शाती है कि आधिकारिक दस्तावेजों की छपाई और वितरण से पहले उनकी ठीक से जाँच नहीं की जाती है। नगर परिषद के अधिकारियों से इस संबंध में स्पष्टीकरण की उम्मीद की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की गलतियाँ न दोहराई जाएँ।



