पूर्णिया, नंदकिशोर: कस्बा थाना क्षेत्र के सुभाष नगर वार्ड नं. 24 कुम्हार टोला में रविवार की शाम लगभग चार बजे ऐसा हृदय विदारक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। महज़ 9 साल की मासूम गौरी कुमारी पानी में डूब गई और उसे बचाने के प्रयास में उसकी मामी सुलोचना देवी (30 वर्ष) भी जिंदगी गंवा बैठीं। परिजनों को बचाने दौड़े तीन और युवक—शेखर कुमार (21), करण कुमार (21) और सचिन कुमार (18)—भी एक-एक कर पानी में समा गए। देखते ही देखते एक ही मोहल्ले की पाँच जिंदगियाँ मौत के आगोश में समा गईं।
घटना के बाद आसपास का माहौल मातम में बदल गया। हर गली में चीख-पुकार मची हुई है। मृतकों का शव सदर अस्पताल पूर्णिया लाया गया, जहाँ पोस्टमार्टम के दौरान जिला अधिकारी अंशुल कुमार और एसपी स्वीटी शेरावत खुद पहुंचे। परिजनों की हालत रो-रोकर बदतर थी, जिन्हें संभालना मुश्किल हो रहा था। स्थानीय लोगों और नेताओं ने पाँचों मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआवजा देने की माँग की है। वहीं जिला अधिकारी ने आश्वासन दिया कि सरकारी स्तर पर जो भी सहायता संभव होगी, दी जाएगी।
जिलाधिकारी अंशुल कुमार का बयान
जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने कहा— “यह घटना अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। पाँच मासूम जिंदगियों को हम वापस नहीं ला सकते, लेकिन सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। तत्काल आपदा राहत कोष से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है और संबंधित विभाग की लापरवाही की जाँच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर कार्रवाई होगी।”

गाँव वालों का कहना है कि सिंचाई विभाग ने सड़क और बाँध निर्माण के लिए बाहर से मिट्टी लाने के बजाय बगल में ही करीब 20 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया था। बारिश के बाद उसमें पानी भर गया और वही मौत का कुंड साबित हुआ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अगर विभाग ने थोड़ी सावधानी बरती होती तो आज पाँच-पाँच घरों में चिता न जल रही होती। इस दुखद हादसे ने पूरे कस्बा को हिला दिया है। हर किसी की आँखें नम हैं और जुबान पर एक ही सवाल—क्या इन निर्दोषों की मौत का जिम्मेदार सिंचाई विभाग है?



