ARARIA NEWS,प्रिंस(अन्ना राय) : कटिहार-जोगबनी रेलखंड पर फारबिसगंज के सुभाष चौक स्थित रेलवे गुमटी संख्या केजे 65 के पास आज एक हृदय विदारक घटना हुई, जहाँ एक महिला ने अपने तीन छोटे बच्चों के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। इस घटना में महिला के दोनों पैर कट गए हैं, जबकि उसके बच्चों को मामूली चोटें आई हैं।पुलिस के मुताबिक, महिला की पहचान पोठिया वार्ड संख्या 5 निवासी नुसरत खातून के रूप में हुई है, जिसका मायका नेपाल के सुनसरी जिले के घुसकी गांवपालिका के अर्नामा में है।
पारिवारिक विवाद बना कारण
घायल महिला नुसरत खातून ने बताया कि उनके पति महफूज आलम कश्मीर में मजदूरी करते हैं। सुबह फोन पर किसी बात को लेकर उनका पति से विवाद हो गया, जिसके बाद वह अपने ससुराल पोठिया से बच्चों के साथ निकल गई और दिनभर फारबिसगंज के सुभाष चौक के पास बैठी रही। शाम को जब कटिहार से जोगबनी जाने वाली 75761 पैसेंजर अप ट्रेन आई, तो वह बच्चों के साथ उसके आगे कूद गई।
बहादुर युवक ने बचाई जान
घटना के बाद महिला दर्द से कराह रही थी, और भीड़ तमाशबीन बनी हुई थी। इसी दौरान, सुल्तान पोखर के पास रहने वाले ब्रजेश कुमार नामक एक युवक ने साहस दिखाया। वह भीड़ से निकलकर महिला को गोद में उठाकर चौक पर लाए और ई-रिक्शा से बच्चों के साथ उन्हें फारबिसगंज अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में महिला और बच्चों का प्राथमिक उपचार किया गया। आरपीएफ प्रभारी उमेश प्रसाद सिंह और उनकी टीम के साथ-साथ बिहार पुलिस की डायल 112 की टीम भी अस्पताल पहुँची और मामले की जानकारी ली। महिला के पास से मिले मोबाइल से बजरंग दल के पूर्व जिला संयोजक मनोज सोनी ने उसके पिता से संपर्क किया और घटना की जानकारी दी। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए, उसे हायर सेंटर पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन परिजन उसे नेपाल के एक निजी अस्पताल ले गए हैं। हालांकि हालांकि, तीनों बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।



