SAHARSA NEWS,अजय कुमार : जिला अंतर्गत महिषी गांव में प्रतिवर्ष तीन दिवसीय श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन जिला प्रशासन, सहरसा के साथ मिल कर सफलतापूर्वक आयोजित करती आ रही है। इस आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों में एक स्वस्थ सांस्कृतिक चेतना विकसित हुई है साथ ग्रामीण पर्यटन का विकास भी हुआ है। वर्ष 2012 में महिषी गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा घोषित और उनके द्वारा ही उद्घाटित श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव प्रारंभ हुआ था। पिछले कुछ वर्षों से इस महोत्सव के आयोजन समय को लेकर स्थानीय स्तर पर आम जन समुदाय में कुछ चिंताएं व्यक्त की जा रही है। महिषी स्थित श्री उग्रतारा सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन का समय विभाग द्वारा दुर्गा पूजा के मध्य रखा जाता है। इस समयावधि में सम्पूर्ण क्षेत्र में लोक अपने अपने पूजा पाठ और उससे संबंधित गतिविधि में व्यस्त रहते हैं फलत: महोत्सव का उस विराट स्वरुप से आम जन मानस रूबरू नहीं हो पाते। और साथ ही इस मौसम में कोशी बाढ़ की आशंका भी बनी रहती है। जैसे अन्य कई वर्षों की भांति महोत्सव को बाढ़ के कारण जनवरी में आयोजित करना पड़ा।
इसके अलावे इस महोत्सव का विशेष आकर्षण राष्ट्रीय सेमिनार है जिसमें देश विदेश के मूर्धन्य विद्वानों की सहभागिता होती रही है। यह सेमिनार शंकर मंडन शास्त्रार्थ को चरितार्थ करने के लिए आयोजित होती है विख्यात मंडन मिश्र धाम पर। दुर्गापूजा के मध्य आयोजित होने से बहुत सारे विद्वान और प्रोफेसर इसमें चाह कर भी नहीं आ पाते हैं।अतः महोत्सव की विराट सफलता के लिए इस महोत्सव का आयोजन छठ महापर्व के एक सप्ताह के बाद शनिवार और रविवार को केंद्र में रख कर निर्धारित करने की महती कृपा की जाय जिससे इस महोत्सव की महिमा और प्रसार सुदूर तक जाय। इसे पर्यटन विभाग के वार्षिक कैलेंडर में छठ पूजा के एक सप्ताह के बाद तिथि में आयोजित करने की कृपा की जाय।इस अवसर पर इंदु देवी,सुधीर कुमार, राजेंद्र झा,अमित आनन्द सहित महिषी ग्रामीण मौजूद रहे।



