पूर्णिया: बिहार के सीमांचल क्षेत्र ने आज इतिहास रच दिया, जब देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्णिया की धरती से ₹36,000 करोड़ से अधिक की विशाल विकास परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने बहुप्रतीक्षित पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन किया और नवनिर्मित टर्मिनल से पूर्णिया से अहमदाबाद के लिए पहली वाणिज्यिक उड़ान को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस उड़ान के साथ ही सीमांचल की जनता को पहली बार सीधी हवाई सेवा की सुविधा मिली, जो क्षेत्र के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने विक्रमशिला–कटारिया नई रेल लाइन की आधारशिला रखी और अररिया–गलगलिया रेलखंड का उद्घाटन भी किया, जिससे सीमांचल का रेलवे नेटवर्क सुदृढ़ होगा। इसके साथ ही ‘राष्ट्रीय मखाना बोर्ड’ की स्थापना की भी घोषणा की गई, जिससे कोसी और मिथिलांचल के लाखों मखाना उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। साथ ही कई सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण कर प्रधानमंत्री ने कहा कि यह “नए बिहार की नई उड़ान” है, जो अब थमेगा नहीं।

पूर्णिया के शीशाबाड़ी एसएसबी कैंप मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में लाखों लोगों की भीड़ उमड़ी, जिसने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने जहां विकास की प्रतिबद्धता दोहराई, वहीं 2025 के विधानसभा चुनाव को लेकर जनता से अपील की कि “इस बार 50 नहीं, 100 प्रतिशत सीटें चाहिएं।” मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मंच पर मौजूदगी ने यह स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर बिहार को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए समर्पित हैं।
पूर्णिया एयरपोर्ट का उद्घाटन केवल एक अवसंरचना परियोजना नहीं, बल्कि सीमांचल की आकांक्षाओं को उड़ान देने वाला एक परिवर्तनकारी क्षण है। अब पूर्णिया सिर्फ एक ज़िला नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर भारत के लिए एक अहम हवाई संपर्क केंद्र बनकर उभरेगा। आज का दिन न केवल पूर्णिया बल्कि पूरे बिहार के लिए गर्व, आत्मविश्वास और विकास की नई कहानी लिखने वाला साबित हुआ।



