फारबिसगंज का अलख बाबू रोड रेलवे ढाला बना मुसीबत, समय से पहले बंद होने से थम रही शहर की रफ्तार

Araria News

अररिया, प्रिंस(अन्ना राय): फारबिसगंज शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली अलख बाबू रोड स्थित रेलवे ढाला अब यहां के निवासियों के लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। रेलवे फाटक के समय से पहले बंद हो जाने से शहर दो हिस्सों में बँट जाता है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जिंदगी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह ढाला शहर को मुख्य अस्पताल और बाजार से जोड़ता है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ जाता है। लेकिन, अक्सर ट्रेनों के आने से 15-20 मिनट पहले ही बैरियर गिरा दिए जाते हैं, जिससे सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन स्थितियों में होती है, जब एम्बुलेंस या निजी वाहन में मरीज को अस्पताल ले जाया जा रहा होता है। समय पर इलाज न मिलने के कारण कई बार मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे और प्रशासन को आम जनता के समय और जीवन की कोई परवाह नहीं है। दफ्तर जाने वाले और अन्य कामों के लिए निकलने वाले लोगों का कीमती समय भी बर्बाद हो रहा है।

यह विडंबना है कि इस गंभीर समस्या पर न तो स्थानीय जनप्रतिनिधियों का ध्यान है और न ही अधिकारियों का। जनता परेशान है, लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। इस ‘बीमारी’ का समाधान निकालने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। जब तक इस समस्या का कोई हल नहीं निकलता, तब तक फारबिसगंज के लोगों को हर दिन इस रेलवे ढाले पर अपनी जिंदगी की रफ्तार को धीमा होते हुए देखना पड़ेगा।

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