पूर्णिया: पूर्णिया पूर्व प्रखंड के रानीपतरा बाजार स्थित राजकीय बुनियादी विद्यालय चांदी रजीगंज में रविवार को सामाजिक संस्था “सहयोग RAISING HOPES TEAM” की ओर से 300 जरूरतमंद बच्चों और विद्यार्थियों के बीच पठन-पाठन सामग्री तथा उपयोगी सामान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के महत्व को समझाना और उन्हें पठन-पाठन सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी शैक्षिक प्रगति में सहयोग करना था।
कार्यक्रम में आमंत्रित अतिथियों में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अर्चना देव, नूतन आनंद, स्थानीय जिला पार्षद राजीव सिंह, मुफस्सिल थानाध्यक्ष सुदीन राम, शिक्षाविद एवं समाजसेवी प्रो. चंदन विश्वास, डॉ. विश्वनाथ मेहता, हेमनरायण मेहता, सुदीप सरकार, बलवीर साह, कृष्ण प्रसाद साह समेत कई वरिष्ठजन मौजूद रहे। इन सभी अतिथियों के हाथों समाज के गरीब बच्चों के बीच प्रोत्साहन किट वितरण कराया गया।
इस अवसर पर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अर्चना देव और नूतन आनंद ने कहा कि निशुल्क शिक्षा दान और पठन-पाठन सामग्री का सहयोग समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह बच्चों को उनके लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद करता है। अगर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को लगातार पढ़ाई की सामग्री मिलती रहे तो उनकी पढ़ाई के प्रति ललक और भी मजबूत होगी।
जिला पार्षद राजीव सिंह ने कहा कि रानीपतरा के युवा समाज सेवा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हैं, यह पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी है। स्थानीय समाजसेवी पंकज कुमार साह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आगुंतक अतिथियों, बच्चों एवं अभिभावकों का स्वागत किया और कहा कि आपकी भागीदारी इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रही है। आगे भी इस तरह के कार्यक्रमों को और अधिक समृद्ध बनाने का अवसर मिलेगा।
बताते चलें कि L&T Mindtree ग्रुप में IT डायरेक्टर पद पर कार्यरत पंकज कुमार साह पिछले 10 वर्षों से अपनी टीम – अभय साह, नीलेश साह, गुंजन कुमार, सुमित श्रीवास्तव, मिथिलेश साह, शानु साह, मनोज कुमार, राजा पोद्दार, आदित्य रायचंद, जयंत दास, गौरव गुप्ता, उमेद, सार्थक, सौतिक, अमृत, मनीष, सोनु और अन्य स्थानीय युवा साथियों के साथ मिलकर हर वर्ष गरीब कल्याण के लिए ऐसे आयोजन करते रहे हैं। इस कार्यक्रम में प्रेस क्लब पूर्णिया के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह एवं कोषाध्यक्ष पंकज नायक भी मौजूद थे। दोनों ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक सेवा और खासकर शिक्षा के क्षेत्र में सेवा करना मानवता में अलख जगाने के समान है।





