PURNIA NEWS : राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी), नई दिल्ली की प्रतिष्ठित रिपर्टरी कंपनी द्वारा आयोजित रंग षष्ठी नाट्य महोत्सव का भव्य समापन 22 सितम्बर 2025 को पूर्णिया के विद्या विहार आवासीय विद्यालय के रविबंश नारायण मिश्र मेमोरियल ऑडिटोरियम में हुआ। बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा विद्या विहार के संयुक्त सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने पूर्णिया को राष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक पहचान दिलाई। महोत्सव में 21 सितम्बर को “माई री, मैं का से कहूँ” और 22 सितम्बर को “बाबूजी” का मंचन किया गया। प्रसिद्ध साहित्यकार मिथिलेश्वर की कहानी पर आधारित “बाबूजी”, जिसका रूपांतरण विभांशु वैभव और निर्देशन एनएसडी रंगमंडल प्रमुख राजेश सिंह ने किया, दर्शकों के लिए एक गहरी भावनात्मक यात्रा साबित हुआ। कलाकारों के संघर्ष, सामाजिक रूढ़ियों और कला के प्रति समर्पण को जिस संवेदनशीलता से प्रस्तुत किया गया, उसने दर्शकों को गहराई तक प्रभावित किया।
इस सांस्कृतिक यात्रा के दौरान एनएसडी रंगमंडल ने पूर्णिया के केंद्रीय कारागार का भी दौरा किया और बंदियों के साथ सांस्कृतिक संवाद स्थापित किया, जिसने कार्यक्रम को और भी सार्थक बना दिया। तीन दिनों तक एनएसडी टीम और अतिथियों के रहने, खाने और स्वागत-सत्कार की बेहतरीन व्यवस्था विद्या विहार परिवार ने की। निदेशक रंजीत पाल, प्राचार्य निखिल रंजन, सचिव राजेश चन्द्रा मिश्रा तथा पूर्णिया कॉलेज की प्राचार्या सावित्री सिंह सहित कई गणमान्य लोग आयोजन के साक्षी बने। सभी अतिथियों और कलाकारों का शॉल और स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया।
एनएसडी प्रमुख राजेश सिंह ने कहा कि पूर्णिया जैसे सांस्कृतिक नगर में प्रस्तुति देना गर्व की बात है और विद्या विहार की मेजबानी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। विद्यालय प्रबंधन ने भी इसे छात्रों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बताया। रंग षष्ठी महोत्सव ने न केवल नाट्य कला को नई ऊंचाई दी, बल्कि पूर्णिया के सांस्कृतिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया।




