अररिया, प्रिंस(अन्ना राय): बिहार की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की पहली किस्त आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रिमोट दबाकर हस्तांतरित की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति पटना से इस कार्यक्रम में लाइव जुड़े। इस योजना के तहत, 26 नवंबर 2025 शुक्रवार को पूरे राज्य की 75 लाख महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रारंभिक सहायता के रूप में प्रति महिला 10,000 रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में (DBT) भेजी गई।
- अररिया में दिखा जबरदस्त उत्साह
प्रधानमंत्री द्वारा किस्त हस्तांतरण का यह कार्यक्रम जिला स्तर से लेकर प्रखंड, पंचायत और ग्राम स्तर तक आयोजित किया गया, जिसकी लाइव स्ट्रीमिंग दूर-दराज के इलाकों में भी देखी गई। जिला स्तर पर यह मुख्य कार्यक्रम जिला नियोजन एवं परामर्श केन्द्र अररिया में जिलाधिकारी अनिल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस मौके पर अररिया सांसद प्रदीप कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त रोजी कुमारी, डीपीएम जीविका नवीन कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर सौरभ सिन्हा सहित सभी जिलास्तरीय पदाधिकारी और जीविका के कर्मी मौजूद रहे। अकेले जिला मुख्यालय में 1100 से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसी तरह, प्रखंड कार्यालयों, संकुल स्तरीय संघों और ग्राम संगठनों में भी 3 लाख से अधिक महिलाओं ने लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से इस ऐतिहासिक क्षण को देखा।

- आर्थिक सशक्तीकरण की नई इबारत
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है। प्रारंभिक तौर पर दी गई ₹10,000 की राशि महिलाओं को कुटीर उद्योग, हस्तशिल्प, पशुपालन और कृषि आधारित कार्यों जैसे विभिन्न स्वरोजगारों को शुरू करने के लिए आधारभूत पूंजी प्रदान करेगी। योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि छह महीने बाद लाभार्थियों के रोजगार की स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। जो महिलाएं सफलतापूर्वक अपना रोजगार स्थापित कर चुकी होंगी, उन्हें अपने व्यापार को बड़े स्तर पर विस्तारित करने के लिए अतिरिक्त 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता** प्रदान की जाएगी।
- “महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना ही लक्ष्य” – मुख्यमंत्री
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का प्राथमिक लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा, “राज्य सरकार का लक्ष्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है ताकि वे न केवल अपने परिवार को आर्थिक मजबूती दें, बल्कि समाज और राज्य की प्रगति में भी सक्रिय योगदान कर सकें।” इस योजना से जुड़ी महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है, जो इसे अपने सपनों को साकार करने और परिवार की आय बढ़ाने के एक बड़े अवसर के रूप में देख रही हैं।



