SAHARSA NEWS,अजय कुमार : ब्रज किशोर ज्योतिष संस्थान के संस्थापक एवं प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण झा ने बताया की मिथिला विश्वविद्यालय पंचांग के अनुसार,कोजागरा,06 अक्टूबर,सोमवार को संध्या 7.26 तक करना उत्तम होगा।पूर्णिमाव्रत,कौमुदी महोत्सव कोजागरा,लक्ष्मी पूजनं यावद रात्रोे लक्ष्मी पूजन, दीक्षा ग्रहण आदि भी 06 अक्टूबर को किये जायेंगे एवं 07 अक्टूबर दिन मंगलवार को स्नान दान की पूर्णिमा होगी। कोजागरा पूजा का दिन हिंदू धर्म के सबसे शुभ दिनों में से एक माना जाता है,अश्विन महीने में पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है, देवी लक्ष्मी धन, खुशी और समृद्धि की देवी हैं,और ऐसा माना जाता है की माता लक्ष्मी की पूजा एवं अनुष्ठानों को करने में महत्वपूर्ण पहलू रात में जगराता करना होता है।यानी भक्तों को मध्यरात्रि जागरण करने की आवश्यकता होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कोजागरी पूर्णिमा की रात्रि में माता लक्ष्मी जब धरती पर विचरण करती हैं तो ‘को जाग्रति’ शब्द का उच्चारण करती हैं। इसका अर्थ होता है कौन जाग रहा है वो देखती हैं कि रात्रि में पृथ्वी पर कौन कौन जाग रहा है,जो लोग माता लक्ष्मी की पूरी श्रद्धा से पूजा करते हैं, उनके घर मां लक्ष्मी जरुर जाती हैं। बताते चलें की इस बार स्नान दान की पूर्णिमा 07 अक्टूबर मंगलवार को करना उचित होगा।मिथिला में कोजगरा का विशेष महत्व है।मान्यता यह है की “मां जानकी सीता” के यहां से अयोध्या “प्रभु श्री राम” के यहां कोजागरा का भार सर्वप्रथम गया था,तब से यह पर्व मनाया जा रहा है। ज्ञात हो कि बंगाल में लक्खी पूजा के रूप में धूमधाम से आयोजन किया जाता है। Post navigationSAHARSA NEWS : जिला खादी ग्रामोद्योग संघ परिसर में १५७ वां गाँधी जयंती समारोह आयोजित SAHARSA NEWS: मोदी व नीतीश सरकार का आरवाईए ने पुतला फूंक निकाला आक्रोश मार्च