सहरसा, अजय कुमार: दुर्गा पूजा के पावन अवसर पर अपने पैतृक गांव बराही, काशनगर गए सहरसा व्यवहार न्यायालय के प्रतिष्ठित अधिवक्ता विमलेश कुमार सिंह को घर लौटते ही चोरी की बड़ी वारदात का सामना करना पड़ा। कायस्थ टोला वार्ड 30 स्थित उनके आवास पर अज्ञात चोरों ने धावा बोलते हुए लाखों की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिवक्ता विमलेश कुमार सिंह पिता घनश्याम प्रसाद सिंह अष्टमी के दिन अपने पूरे परिवार के साथ काशनगर थाना क्षेत्र के बराही अपने गांव में दुर्गा पूजा मनाने गए थे। विजया दशमी की शाम लगभग 8:30 बजे जब वे अपने सहरसा स्थित आवास लौटे, तो मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ पाया।
घर के अंदर प्रवेश करते ही उनके होश उड़ गए, चोरों ने पूरा घर तहस-नहस कर दिया गया था। अलमारी, संदूक और अन्य सामान को तोड़कर चोरों ने नकदी और जेवरात चुरा लिए। चोरी गए सामानों में ₹1,05,000 नकद, दो सोने की चेन, सोने के झुमके, कंगन, चार अंगूठियां और अन्य गहने शामिल हैं। कुल मिलाकर चोर करीब साढ़े आठ भर सोना और चांदी के कई कीमती सामान ले उड़े। अनुमानित कुल क्षति लगभग ₹8.5 लाख रुपये बताई जा रही है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। स्थानीय मुहल्ले वासी और पीड़ित परिवार ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस इलाके में यह घटना घटी, वह घनी आबादी वाला और नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आता है, फिर भी चोरों ने इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया।
अधिवक्ता विमलेश कुमार सिंह, जो शहर के प्रतिष्ठित और लंबे समय से न्यायालय से जुड़े व्यक्ति हैं, एक बार निर्दलीय विधायक का चुनाव भी लड़ा है ने सदर थाना में आवेदन दिया साथ ही प्रशासन से त्वरित कार्रवाई और दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि कानून से जुड़े लोगों के घर भी सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगते हैं। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस गश्ती और निगरानी व्यवस्था को और सुदृढ़ किए जाने की मांग की है।इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। जिस प्रकार दिन-दहाड़े या त्योहारों के दौरान सुनसान घरों को निशाना बनाया जा रहा है, वह न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि आम जनता के मन में भय और असुरक्षा की भावना भी बढ़ाता है। पुलिस को चाहिए कि वह केवल खानापूर्ति न कर, गंभीरता से कार्रवाई करे और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर जनता का विश्वास बहाल करे।



