Bihar Election 2025,अजय कुमार : 17 बिहार बटालियन एन सी सी मधेपुरा कॉलेज मधेपुरा के एन सी सी कैडेट्स द्वारा लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर वाद-विवाद,भाषण प्रतियोगिता और संगोष्ठी एवं रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरदार वल्लभभाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इस अवसर पर एन सी सी पदाधिकारी सह सिण्डिकेट सदस्य मेजर डॉ गौतम कुमार ने कहा कि सरदार पटेल भारत के प्रथम गृहमंत्री और उप प्रधानमंत्री थे। उन्हें बारडोली सत्याग्रह के सफल नेतृत्व के कारण ‘सरदार’ की उपाधि मिली थी। उनहोंने कहा कि जिस प्रकार सरदार पटेल ने देश की विभिन्न रियासतों को जोड़कर अखंड भारत का निर्माण किया, उसी प्रकार जाति, धर्म और ऊंच-नीच के भेदभाव को छोड़कर मिलजुल कर रहने से ही देश और हमारा हित संभव है।

डॉ गौतम कुमार ने कहा भारत की आज़ादी के बाद, सबसे बड़ी चुनौती 560 से ज़्यादा रियासतों का भारतीय संघ में विलय करना था। सरदार पटेल के नेतृत्व और कूटनीति ने इसे संभव बनाया, जिससे देश का और अधिक विभाजन रुक गया। उनहोंने कहा कि उन्हें ‘लौह पुरुष’ कहा जाता है क्योंकि वे मजबूत इरादों वाले और दृढ़ निश्चयी थे। उनका जीवन हमें अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सीख देता है। श्री गौतम ने कहा कि अपने पूरे राजनीतिक जीवन में, पटेल ने स्वतंत्रता संग्राम और स्वतंत्रता के बाद के शासन दोनों की चुनौतीपूर्ण मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक शक्ति और लचीलापन का उदाहरण दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय एकता का शपथ दिलाया गया। इस समारोह में कैडेट्स विकास कुमार, भवेश गिरी, गौरव कुमार, आनंद कुमार, प्रीति कुमारी, सिंपल कुमारी, मौसम कुमारी, अमित कुमार, अजय झा, मनु कुमार सहित अन्य मौजूद थे।

By अंग इंडिया न्यूज़

अंग इंडिया न्यूज़ एक समर्पित डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है जो भारत की सांस्कृतिक गहराइयों, सामाजिक मुद्दों और जन-आवाज को निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है—हर क्षेत्र, हर वर्ग और हर भाषा को प्रतिनिधित्व देना, ताकि खबरें सिर्फ सूचनाएं न रहें, बल्कि बदलाव की प्रेरणा बनें।हम न सिर्फ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं को कवर करते हैं, बल्कि उन कहानियों को भी उजागर करते हैं जो आमतौर पर मुख्यधारा से दूर रह जाती हैं। अंग इंडिया न्यूज़ का हर लेख, हर रिपोर्ट और हर विश्लेषण एक सोच के साथ लिखा जाता है—"जनता की नज़र से, जनता के लिए।"

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *