Bihar Election 2025,अजय कुमार : अखिल भारतीय वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश महामंत्री (संगठन )सह प्रभारी पूर्णिया, कोशी एवं भागलपुर प्रमंडल के अनिल कुमार साहा ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से उपरोक्त बातों का खुलासा करते हुए जानना चाहा क्या बिहार में खासकर सीमांचल में भारतीय जनता पार्टी वैश्य नेता विहीन है। आज जो वैश्य कोटे से दिलीप जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष के पद पर सुशोभित किया गया है।वह अपने कुछ खास शागीर्दों के द्वारा वैश्य समाज को दिग्भ्रमित करने के लिए यह मैसेज देना चाह रहे हैं या दे रहे हैं कि पिछले चुनाव 2020 के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी वैश्य कोटे से 12 व्यक्तियों को अभ्यर्थी बनाया गया था। ज्ञात हो की जबकि पिछले चुनाव में 2020 के चुनाव में जो वैश्य नेता जीत करके आए उनमें से भारतीय जनता पार्टी के 15 विधायक हैं। क्या यह शीर्ष नेता उजागर करना चाहते हैं बिहार में ही नहीं अपितु सीमांचल में खास करके इनके क्रियाकलाप से प्रतीत हो रहा है कि यह वैश्य समाज के सीमांचल के किसी भी नेता को अपना पसंदीदा नेता नहीं मान रहे हैं। उनको दरकिनार कर यह खुद अपना साम्राज्य स्थापित करना चाह रहे हैं जबकि यह खुद खगड़िया जिला के निवासी हैं।आज भी कसबा विधानसभा में किन नेता के इशारे पर और किस परिस्थिति में एनडीए के खाते से कसबा विधानसभा में लोजपा को यह स्थान दिया गया और लोजपा से उन उम्मीदवारों को उम्मीदवार बनाया गया जो खगड़िया जिला के निवासी है़ंं।
क्या पूणियॉ में प्रधानमंत्री जी के कार्यक्रम में 15 सितंबर को जिन संसदीय नेताओं के द्वारा प्रधानमंत्री के एवं बिहार के मुख्यमंत्री का बड़प्पन कराया गया या उनके द्वारा बुलवाया गया और बाद में वहीं सांसद एनडीए के खिलाफ भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ बिहार के मुख्यमंत्री के खिलाफ बयान दे रहे हैं। यह कैसी राजनीति है और इस राजनीति को कौन दिशा निर्देश दे रहे हैं ,भाई क्या वजह है की कसबा विधानसभा जो पूर्णिया जिला अंतर्गत है जहां वैश्यों का गढ़ है वहां वैश्यों को टिकट न देकर के किसी बाहरी व्यक्ति को पहले तो एनडीए के गठबंधन से किसी अन्यत्र पार्टी को जगह देकर और उसका उम्मीदवार बाहरी व्यक्ति को बनाया गया क्या दिलीप जायसवाल जी जो भले ही खगड़िया के निवासी हो उन्हें पूर्णिया की कण – कण की राजनीति से वह वाकिफ है क्या यह शर्मनाक विषय नहीं है की बहुत बड़े साजिश के तहत भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी के बिहार के कुछ शीर्ष नेताओं के द्वारा षड्यंत्र रचकर लोक जनशक्ति पार्टी को 10 सीट से भी ज्यादा दिलाने का काम किया और उस टिकट बंटवारे में या उस टिकट की यूं कहें की खरीद बिक्री में उनकी सहभागिता है क्या यह जो भारतीय जनता पार्टी वैश्य समाज उनका कोर वोटर है उनको दरकिनार कर या अपना साम्राज्य स्थापित करना चाह रहे हैं। इनकी क्या राजनीति है इनको उजागर करना चाहिए और मैं भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं से खास करके भारत के वैश्य समाज के सर्वमान्य नेता वैश्य शिरोमणि भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह करना चाहूंगा कि आपके केंद्र सरकार के क्षेत्राअंतर्गत किन नेताओं के संरक्षण में यह प्रदेश अध्यक्ष या प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेता अपनी कि क्रियाकलाप से भारतीय जनता पार्टी को मजबूत कर रहे हैं या पार्टी को खोखला कर रहे हैं , यह एक विचारणीय विषय है।



