नई दिल्ली: Imf Debt Ranking आपके द्वारा साझा की गई जानकारी IMF की नवीनतम रिपोर्ट पर आधारित लगती है, जो विश्व आर्थिक परिदृश्य (World Economic Outlook, अक्टूबर 2025) से ली गई है। यह रिपोर्ट वैश्विक सार्वजनिक ऋण की स्थिति को रेखांकित करती है, जहां 2025 में वैश्विक सार्वजनिक ऋण GDP के 94.7% के बराबर है, और 2029 तक यह 100% से ऊपर पहुंच सकता है। यह चिंता का विषय है क्योंकि यह 1948 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर होगा।
रिपोर्ट में देशों की कर्ज-से-GDP अनुपात पर आधारित सूची बिल्कुल सटीक है, हालांकि जापान का अनुपात लगभग 230% है (आपके लेख में अनुमानित 250% बताया गया है, जो करीब है)। जापान का कुल कर्ज 9,826.5 बिलियन USD (लगभग 9.8 ट्रिलियन USD) है—यहां “बिलियन” शायद “ट्रिलियन” का टाइपो हो सकता है। अन्य आंकड़े लगभग मेल खाते हैं। नीचे टॉप 10 देशों की सूची दी गई है (IMF डेटा के आधार पर):
| रैंक | देश | कर्ज-से-GDP अनुपात (%) | प्रमुख कारण (संक्षेप में) |
|---|---|---|---|
| 1 | जापान | 229.6 | उम्रदराज आबादी, स्वास्थ्य खर्च, धीमी विकास दर |
| 2 | सूडान | 221.5 | संघर्ष, राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक अव्यवस्था |
| 3 | सिंगापुर | 175.6 | निवेश-आधारित उधारी, दीर्घकालिक प्रोजेक्ट्स |
| 4 | ग्रीस | 146.7 | 2010 की मंदी का लंबा प्रभाव, सुधारों की कमी |
| 5 | बहरीन | 142.5 | तेल मूल्यों में गिरावट, राजस्व निर्भरता |
| 6 | इटली | 136.8 | धीमी आर्थिक वृद्धि, रोजगार चुनौतियां |
| 7 | मालदीव | 131.8 | पर्यटन संकट, विकास परियोजनाओं के लिए उधारी |
| 8 | अमेरिका | 125.0 | सरकारी खर्च, राजनीतिक विवाद, सैन्य व्यय |
| 9 | सेनेगल | 122.9 | बड़े विकास प्रोजेक्ट्स, बाहरी उधारी |
| 10 | फ्रांस | 116.5 | उच्च सार्वजनिक खर्च, सामाजिक सुरक्षा, धीमी वृद्धि |
प्रमुख अंतर्दृष्टि:
- विकसित vs विकासशील देश: सूची में विकसित (जैसे जापान, सिंगापुर) और संघर्षग्रस्त (सूडान) दोनों प्रकार के देश शामिल हैं। अमेरिका जैसी बड़ी अर्थव्यवस्था भी चिंता का विषय है क्योंकि इसका कर्ज वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
- भारत की स्थिति: भारत का अनुपात 81.4% है, जो टॉप 35 में आता है—यह चीन (96.3%) से बेहतर है, लेकिन सुधार की गुंजाइश है।
- जोखिम: IMF चेतावनी देता है कि यदि ब्याज दरें ऊंची रहीं, तो कई देशों में डिफॉल्ट का खतरा बढ़ सकता है, खासकर विकासशील देशों में।



