पूर्णिया: पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में बिहार के गरीबों-दलितों की बस्तियों पर चल रहे बुलडोजर आतंक को मुद्दा बनाते हुए केंद्र और नीतीश सरकार को आड़े हाथों लिया और कहा कि पूर्णिया, नालंदा, बेगूसराय, पटना, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा समेत पूरे प्रदेश में फल-सब्जी वाले, ठेले-पटरी कारोबारी और महादलित परिवारों को बिना नोटिस, बिना पुनर्वास के रातोंरात उजाड़ा जा रहा है, जो सरासर अमानवीय और अन्याय है।
खासकर पूर्णिया के अरोरा गुहा की 150 दलित बस्ती का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि वहां एमएलए फंड से सड़क बनी है, बिजली का बिल भरते हैं, कई को इंदिरा आवास भी मिला हुआ है, फिर भी बिना कानूनी प्रक्रिया के पूरा गांव खाली करवा दिया गया। पप्पू ने चेतावनी दी – “जब तक हर उजाड़े गए परिवार को उसी पंचायत में पांच डिस्मिल जमीन या शहर में दुकान नहीं दी जाती, तब तक किसी गरीब का घर-दुकान ढहाना तुरंत रोका जाए”, और नीतीश कुमार से हर जिले में ऐसी घटनाओं की जांच व स्पष्ट पुनर्वास नीति बनाने की मांग की, जिससे सदन में गरीबों पर हो रहे अत्याचार की गूंज सुनाई देने लगी।



