पूर्णिया: Purnia News पूर्णिया में मंगलवार को एक बार फिर लाइन बाजार से लेकर बिहार टॉकीज रोड तक जिला प्रशासन एवं नगर निगम की टीम ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। अभियान के दौरान सड़क किनारे लगाए गए सैकड़ों फुटपाथी दुकानदारों व अस्थायी ठेलों को हटाया गया। यह कार्रवाई राज्य सरकार द्वारा पूरे बिहार में चलाए जा रहे व्यापक अतिक्रमण मुक्त अभियान का हिस्सा है। अभियान को लेकर शहर में दो तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। एक ओर कई नागरिकों का कहना है कि अतिक्रमण बढ़ने से सड़कें संकरी हो जाती हैं, जिससे रोजाना भीषण जाम लगता है।
लोग समय पर ट्रेन और बस नहीं पकड़ पाते, बच्चे स्कूल देर से पहुँचते हैं, एंबुलेंस जाम में फँस जाती है और कई बार मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। अब जबकि पूर्णिया से हवाई सेवा भी शुरू हो गई है, जाम के कारण यात्रियों की फ्लाइट तक छूट जाती है। ऐसे में शहर को जाम से मुक्त कराने के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान जरूरी कदम माना जा रहा है। दूसरी ओर, हटाए गए ठेला दुकानदारों और छोटे विक्रेताओं ने कहा कि वे वर्षों से इसी रोज़गार पर निर्भर हैं। उनकी आय सीमित है और रहने या दुकान लगाने के लिए वे किसी दूसरे स्थान का खर्च वहन नहीं कर सकते।
उनका कहना है कि परिवार का गुजारा सड़क किनारे की छोटी दुकान, ठेला या एक टेबल पर रखे सामान से ही चलता है। प्रभावित दुकानदारों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था दिए उन्हें उजाड़ रही है। उन्होंने कहा—“हम गरीब लोग जाएँ कहां? न घर बनाने की क्षमता है न किराया देने की। बच्चों की पढ़ाई भी मुश्किल हो गई है। हमें हटाने से पहले पुनर्वास की योजना बननी चाहिए थी।” स्थानीय लोगों का मानना है कि शहर को व्यवस्थित करने और सड़कें सुगम बनाने के लिए यह अभियान जरूरी है, लेकिन साथ ही छोटे दुकानदारों के लिए वैकल्पिक ठिकानों की व्यवस्था भी प्रशासन को प्राथमिकता के साथ करनी चाहिए, ताकि व्यवस्था और आजीविका दोनों सुरक्षित रह सकें।



