ARARIA NEWS : अररिया जिला मुख्यालय स्थित महारानी ललिता देव प्रभु कमल यादव डिग्री महाविद्यालय में पूर्णिया विश्वविद्यालय द्वारा गठित तदर्थ समिति को लेकर विवाद लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। महाविद्यालय प्रबंधन और शिक्षकेत्तर कर्मियों ने कुलपति प्रो. विवेकानंद सिंह पर नियमों की अनदेखी करते हुए बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्टीकरण के शासी निकाय को भंग करने का आरोप लगाया है। आरोप है कि दानदाता सदस्य व सचिव को हटाकर राजनीतिक दबाव में चार सदस्यीय तदर्थ समिति बनाई गई, जिसमें नियमों के विपरीत सांसद को अध्यक्ष बनाया गया।
इसके साथ ही समिति पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रोफेसर-इन-चार्ज को हटाने, पटना हाईकोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने और कथित रूप से झूठा मुकदमा दर्ज कराने जैसे गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। कॉलेज से जुड़े लोगों का कहना है कि यदि जल्द निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे। पूरे मामले ने विश्वविद्यालय प्रशासन, तदर्थ समिति और जिला प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिससे शैक्षणिक माहौल और संस्थान की साख प्रभावित होने की बात कही जा रही है।



