योजनाओं की समीक्षा में बोले DM- “भूमि चिन्हित करने में न करें देरी, समय पर पूरा करें विकास कार्य”

अररिया, प्रिंस कुमार: जिलाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय स्थित परमान सभागार में जिले के विकास कार्यों की व्यापक समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि जिन योजनाओं में भूमि विवाद या अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की समस्या है, अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर उसे एक सप्ताह के भीतर सुलझाएं।

भूमि चिन्हित करने के लिए अंचल अधिकारियों को अल्टीमेटम
बैठक में विभिन्न विभागों के निर्माण कार्यों के लिए भूमि की उपलब्धता सबसे बड़ा मुद्दा रही। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए की स्वच्छता जिला समन्वयक और अंचल अधिकारी (CO) मिलकर बचे हुए WPU (वेस्ट प्रोसेसिंग यूनिट) के लिए जल्द भूमि चिन्हित करें।

आंगनबाड़ी व पंचायत भवन: सभी CO को निर्देश दिया गया कि वे आंगनबाड़ी केंद्रों और पंचायत सरकार भवनों के लिए भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) यथाशीघ्र उपलब्ध कराएं।

कल्याण विभाग: सामुदायिक भवन और वर्कशेड निर्माण के लिए सभी BWO और CO को एक सप्ताह के भीतर भूमि चिन्हित करने का समय दिया गया है।

सहकारिता और धान अधिप्राप्ति पर फोकस
धान खरीद की समीक्षा के दौरान जिले की प्रगति संतोषजनक पाई गई। हालांकि, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने जिला सहकारिता पदाधिकारी (DCO) को निर्देश दिया कि वे सभी पैक्स (PACS) का स्टॉक सत्यापन कार्य अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।

पंचायत स्तरीय कर्मियों की होगी निगरानी
प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को निर्देश दिया गया कि वे पंचायत स्तर पर तैनात कर्मियों की सक्रियता बढ़ाएं:

निगरानी: आवास सहायक, किसान सलाहकार, पंचायत सचिव, और विकास मित्र जैसे जमीनी कर्मियों की कार्य गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।

पंजीकरण: किसान सलाहकार और राजस्व कर्मी मिलकर ‘महाअभियान’ के तहत फार्मर रजिस्ट्रेशन का कार्य युद्ध स्तर पर पूर्ण करें।

राजस्व और लोक सेवाओं में तेजी लाने का आदेश
आम जनता से जुड़ी सेवाओं की समीक्षा करते हुए DM ने अंचल अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा:

समय-सीमा का पालन: आय प्रमाण पत्र, परिमार्जन, और म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के आवेदनों को निर्धारित समय के भीतर निष्पादित करें।

अतिक्रमण: पंचायत सरकार भवनों के लिए चिन्हित अतिक्रमित भूमि को खाली कराने हेतु स्थानीय स्तर पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें।

छात्र कल्याण और स्वास्थ्य योजनाओं पर जोर
DRCC: प्रबंधक को निर्देश दिया गया कि वे स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत अधिक से अधिक आवेदन सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज प्राचार्यों और जिला शिक्षा पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करें। जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत खाद्यान्न के उठाव और वितरण की प्रक्रिया की भी बारीकी से समीक्षा की गई। वही, जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को ‘टीम भावना’ के साथ काम करने और योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने का निर्देश दिया ताकि जनहित की योजनाओं का लाभ धरातल पर दिख सके।

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