डेस्क: ग्वालियर से सामने आए एक अहम घटनाक्रम में हाईकोर्ट ने अनिल मिश्रा की गिरफ्तारी को गैरकानूनी ठहराते हुए उन्हें तत्काल रिहा करने के आदेश दिए हैं, अदालत ने सुनवाई के दौरान एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया, गिरफ्तारी के आधार और पुलिस की मंशा पर कड़ी टिप्पणी करते हुए स्पष्ट किया कि मामले में कानून का पालन नहीं किया गया, इस फैसले के बाद इसे केवल एक व्यक्ति को मिली राहत नहीं बल्कि न्यायिक प्रक्रिया, संवैधानिक मूल्यों और कानून के राज की पुष्टि के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं आदेश के बाद समर्थकों में संतोष और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बहस तेज हो गई है।




