इंदौर: Dirty Water इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत के बाद देशभर में पेयजल व्यवस्था की पोल खुलती नजर आ रही है, जहां दिसंबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच कई राज्यों से बदबूदार, सीवेज मिश्रित और रासायनिक रूप से खतरनाक पानी की शिकायतें सामने आई हैं।
इंदौर जांच में पानी में फीकल बैक्टीरिया मिलने से साफ हुआ कि जर्जर पाइपलाइन और प्रशासनिक लापरवाही जानलेवा बन चुकी है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी के कारण टाइफाइड फैलने से 100 से ज्यादा लोग बीमार पड़े हैं, जबकि बिहार के रोहतास जिले के सैकड़ों गांवों में फ्लोराइड युक्त पानी ने लोगों को दिव्यांग बना दिया है। वहीं ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में सीवर मिला पानी सप्लाई होने से बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं अस्पताल पहुंच रही हैं और लोग आरओ के पानी को भी उबालकर पीने को मजबूर हैं।
उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, ओडिशा और अन्य राज्यों से आई ऐसी रिपोर्टें इस ओर इशारा करती हैं कि देश के कई शहरों में पुरानी पाइपलाइन, खराब निगरानी और सीवेज सिस्टम की विफलता एक बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप लेती जा रही है।



