Araria News: मानव तस्करी के खिलाफ एसएसबी जवानों ने कसी कमर; 52वीं वाहिनी मुख्यालय में आयोजित हुआ विशेष प्रशिक्षण

अररिया, प्रिंस कुमार: Araria News सीमावर्ती क्षेत्रों में मानव तस्करी की रोकथाम और सुरक्षा को पुख्ता करने के उद्देश्य से एसएसबी 52वीं वाहिनी मुख्यालय में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों और जवानों को तस्करी की पहचान और उससे निपटने के कानूनी दांव-पेंच सिखाए गए।

सेना नायक ने किया कार्यक्रम का शुभारंभ
प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत सेना नायक महेंद्र प्रताप ने की। उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत-नेपाल खुली सीमा होने के कारण मानव तस्कर सक्रिय रहते हैं, जिन्हें पहचानना और रोकना सुरक्षा बलों की प्राथमिकता है।

कानूनी प्रावधानों और अधिकारों पर विस्तृत चर्चा
जागरण कल्याण भारती के अध्यक्ष संजय कुमार ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में जवानों को तस्करी के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि तस्कर अक्सर धोखाधड़ी या जबरदस्ती के माध्यम से लोगों को यौन शोषण, अंग व्यापार, बंधुआ मजदूरी, जबरन शादी और भीख मंगवाने जैसे दलदल में धकेल देते हैं। प्रशिक्षण में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 23 पर विशेष जोर दिया गया, जो मानव तस्करी और जबरन श्रम पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। जवानों को BNS 2023, आईटीपीए (ITPA), पॉक्सो (POCSO), जुवेनाइल जस्टिस एक्ट और बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम की बारीकियों से अवगत कराया गया।

बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ
प्रशिक्षण के दौरान केवल तस्करी ही नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों पर भी प्रहार किया गया। ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत वहां मौजूद सभी अधिकारियों और जवानों को शपथ दिलाई गई कि वे अपने कार्यक्षेत्र में बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं को रोकने के लिए तत्पर रहेंगे।

पीड़ितों के संरक्षण की रणनीति
संजय कुमार ने जवानों को सिखाया कि रेस्क्यू के दौरान पीड़ितों के साथ कैसा व्यवहार किया जाना चाहिए और उनके पुनर्वास के लिए किन सुरक्षात्मक उपायों का पालन करना जरूरी है। जवानों को किडनैपिंग, बच्चों की खरीद-बिक्री और हथियारबंद संघर्ष में बच्चों की भर्ती जैसे गंभीर विषयों पर भी सतर्क रहने को कहा गया।

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