राजस्थान: जैन धर्म में तीर्थंकर महावीर के पथ की अनुगामी बनने को लेकर थार नगरी, बाड़मेर की संयम रत्ना, बोथरा परिवार की कुलदीपिका बहिन दिव्या बोथरा की भागवती दीक्षा आगामी 16 जनवरी को डायमण्ड नगरी, सूरत में प. पू. आचार्यश्री जिनमनोज्ञ सूरीश्वरजी मसा आदि ठाणा साधु-साध्वी भगवन्त की पावन निश्रा में होने जा रही है। जिस कड़ी में शुक्रवार को बाड़मेर शहर में एक दिवसीय संयम अनुमोदना कार्यक्रम में प्रातः में दीक्षा बहिन के परिवारजनों की ओर से वर्षीदान वरघोड़ा आयोजित हुआ। तथा दोपहर में सांझी व अभिनन्दन का मंगलमय कार्यक्रम चौबीस गांव भवन में सम्पन्न हुआ।
सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश बोहरा अमन ने बताया कि दीक्षार्थी बहिन का वर्षीदान वरघोड़ा शिवकर मार्ग कल्याणपुरा स्थित उनके निवास से प. पू. साध्वीश्री डॉ. विद्युतप्रभाश्रीजी मसा आदि ठाणा की पावन निश्रा एवं सकल संघ की उपस्थिति में गाजे बाजे के साथ प्रारम्भ हुआ। वर्षीदान वरघोड़ा शिवकर मार्ग कल्याणपुरा से प्रारम्भ होकर छोटी ढ़ाणी, जवाहर चौक, पीपली चौक, ढ़ाणी बाजार, विद्यापीठ, महाबार रोड़, करमूजी की गली, दरियागंज, प्रतापजी की प्रोल, हम्मीरपुरा रोड़ आराधाना भवन से होते हुए पुनः उनके निवास पहुंचा जहां उनकी भव्य स्वागत व अभिनन्दन किया गया। वहीं इससे पूर्व वर्षीदान वरघोड़े का शहर भर में फूलों से भव्य स्वागत एवं संयम की अनुमोदना हुई। वर्षीदान वरघोड़े में संयम के रथ में सवार दीक्षार्थी बहिन दिव्या बोथरा ने सांसारिक वस्तुओं का त्याग करते हुए उन वस्तुओं का वर्षीदान किया।

श्री भंवरलाल सुरेश कुमार हरीश कुमार भगवानदासोणी बोथरा परिवार की ओर से आयोजित वर्षीदान वरघोड़े में बड़ी संख्या में जैन समाज के गणमान्य नागरिक व माताएं-बहिनें शामिल रही।



