अंग इंडिया संवाददाता, पूर्णिया। भोला पासवान शास्त्री कृषि महाविद्यालय, पूर्णिया में आज “ग्रामीण उद्यमिता और स्थायी आय को सशक्त बनाने में मशरूम स्पॉन उत्पादन तकनीक की भूमिका” विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण 15 जनवरी 2026 से 17 जनवरी 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का आयोजन बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर द्वारा माननीय कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह के निर्देश एवं मार्गदर्शन में किया गया है।
कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के सह-अधिष्ठाता-सह-प्राचार्य डॉ. दिलीप कुमार महतो ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं, उद्यमियों, महिला स्वयं सहायता समूहों एवं प्रगतिशील किसानों को स्वरोज़गार एवं आयवर्धन के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
प्रशिक्षण की पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अनुपम कुमारी ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभागियों को शुद्ध एवं गुणवत्तायुक्त मशरूम स्पॉन के वैज्ञानिक उत्पादन, प्रयोगशाला स्वच्छता, मीडिया तैयारी, स्पॉन रन, गुणवत्ता नियंत्रण, पैकेजिंग तथा विपणन से संबंधित व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्रदान की जाएगी। साथ ही मशरूम उद्योग में रोजगार सृजन एवं स्टार्ट-अप की संभावनाओं पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी।
प्रशिक्षण के सह-समन्वयक डॉ. मणिभूषण ठाकुर ने कहा कि बिहार में मशरूम उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। स्थानीय स्तर पर स्पॉन उत्पादन से किसानों की लागत में कमी आएगी और नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह प्रशिक्षण कटिहार एवं पूर्णिया क्षेत्र में मशरूम उद्यमिता को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगा।
उद्घाटन सत्र में महाविद्यालय के डॉ. जर्नादन प्रसाद, डॉ. अभिनव कुमार, डॉ. जय प्रकाश, डॉ. नुदरत एवं डॉ. प्रीति सुंदरम सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में श्याम कुमार राम, आशीष कुमार, प्रेम प्रकाश, कुणाल कुमार सहित कुल 19 मशरूम उत्पादक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. मणिभूषण ठाकुर ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अनुपम कुमारी द्वारा किया गया।



