सहरसा,अजय कुमार : जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड क्षेत्र के बलवाहाट-काठो स्थित प्रसिद्ध बाबा मटेश्वरधाम मंदिर में शनिवार को नरक निवारण चतुर्दशी के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।
अहले सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचने लगे और कतारबद्ध होकर बाबा मटेश्वर के आपरूपी शिवलिंग पर विधिवत जलाभिषेक व पूजन-अर्चन करते नजर आए। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तों की आवाजाही से गुलजार रहा। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर पूरी श्रद्धा और समर्पण भाव के साथ भगवान शिव की आराधना की। मान्यता है कि नरक निवारण चतुर्दशी के दिन व्रत एवं पूजा करने से समस्त पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति होती है।
इसी धार्मिक विश्वास के कारण इस पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। मंदिर कमेटी द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पूजा-अर्चना के दौरान भीड़ को सुव्यवस्थित रखने, जलाभिषेक की व्यवस्था तथा साफ-सफाई को लेकर समिति के सदस्य लगातार सक्रिय रहे, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
पूरे दिन “हर हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से मंदिर परिसर और आसपास का इलाका गूंजता रहा। भक्ति गीतों और शंखनाद के बीच शिवभक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। धार्मिक वातावरण के कारण पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल कायम रहा। श्रद्धालुओं ने बाबा मटेश्वर से क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। नरक निवारण चतुर्दशी के अवसर पर मटेश्वरधाम एक बार फिर आस्था के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया।



