तापमान गिरने से गेंहूँ उत्पादकों के चेहरे खिले, अच्छी उपज आने के लगाये जा रहे हैं कयास

Falling temperatures bring smiles to wheat growers, raising hopes of a good harvest

संवाददाता अंग इंडिया, पूर्णिया/आनंद यादुका/

खरीफ फसलों के समय किसानो का साथ नहीं दे पाने वाली प्रकृति रबी फसल में किसानो का सहायक हो गयी है | ठंड बढ़ने के साथ अब किसानो के चेहरे खिलने लगे हैं | हालाँकि पहले तक तापमान की स्थिति और बेहतर थी | उस समय जिन किसानो के खेतों में बुआई हो गयी थी, उन खेतों में फसल आज ज्यादा ही लहलहा रही है | अब भी स्थिति अच्छी है | मौसम का यही हाल रहा तो गेंहूँ का उत्पादन धान से अधिक होने के कयास लगाये जा रहे हैं | इसका संकेत हथिया नक्षत्र में हुई हुई बारिश से ही लग गया था | उसकी बाद भी अच्छी बर्षा हुई | लिहाजा सुखी झेल रही कड़ी हो गयी मिट्टी में नमी तो बढ़ी ही है, मुलायम होने से गहरी जुताई भी आसान हो गयी | कई बर्षों बाद खेतों में नमी की स्थिति इस बर्ष इतनी अच्छी बनी है | उसके बाद बुआई का समय आया तो प्रकृति ने कुछ ज्यादा ही किसानो का साथ दे दिया | दो बर्ष पहले भी तापमान की यह स्थिति बनी थी तो उत्पादन धान से अच्छी हुई थी |

गेंहूँ के उत्पादन के लिए ठंड गिरना बहुत जरुरी होता है | कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि गेंहूँ जाड़े की फसल है | पहले गेंहूँ की फसल फोटो सेंसिटिव होती थी | अब नई वेरायटी तापमान सेंसिटिव होती है | पुरानी वेरायटी पर तापमान का उतना असर नहीं पड़ता था और दिन की लम्बाई के साथ उसमे फुल लगते थे | लेकिन अब तापमान जरुरत के अनुसार निचे चला गया है, जो गेंहूँ की फसल के लिए उपयुक्त है | बाढ़ एवं बारिश के कारण धान की फसल को बचाने में किसानों को संघर्ष करना पड़ा था | परन्तु इस समय मौसम गेंहू के फसल के लिए अनुकूल बना हुआ है जिससे गेंहू उत्पादक किसानो के चेहरे खिले हुए हैं |

कृषि वैज्ञानिको के अनुसार गेंहू की पैदावार के लिए मौसम काफी अनुकूल बना हुआ है | नतीजतन गेंहूँ के फसल के अच्छी पैदावार होने के संकेत मिल रहे हैं | गेंहू के पैदावार के लिए न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस होना चाहिये | वर्तमान समय में पैदावार के अनुकूल तापमान होने से प्रखंड क्षेत्र के गेंहूँ उत्पादक किसानों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दे रही है |

भवानीपुर प्रखंड क्षेत्र के प्रगतिशील किसान डुमरा निवासी डा० अमित प्रकाश सिंह, असकतिया के प्रो० शम्भू प्रसाद सिंह, मौलेश्वर प्रसाद सिंह उर्फ मौल बाबु, प्रो० वीरनारायण यादव, प्रो० घनश्याम यादव, मनोज कुमार सिंह, बिमल यादुका, चंद्रशेखर चौधरी आदि ने बताया की इस बार मौसम गेंहू के फसल के अनुकूल बना हुआ है | किसानो ने बताया कि मौसम की मेहरबानी से इस बर्ष गेंहू की पैदावार अन्य बर्षों की अपेक्षा अच्छी होगी | प्रकृति के लगातार मार सह रहे किसानो को इस बर्ष इसका साथ मिला है | नतीजतन किसानो के चेहरे खिले हुए हैं |