पूर्णिया/
बाबू वीर कुंवर सिंह स्मारक संघ, पूर्णिया के तत्वावधान में सोमवार को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 429वीं पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पुण्यतिथि को ‘स्वाभिमान दिवस’ के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय करणी सेना के प्रदेश सचिव अवधेश सिंह ने की।
वक्ताओं ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे किसी एक जाति या वर्ग तक सीमित नहीं थे, बल्कि संपूर्ण देश के लिए स्वाभिमान, शौर्य और बलिदान के प्रतीक थे। माधव सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप हिंदुस्तान की आन-बान और शान थे। उन्होंने जीवन भर संघर्ष किया, जंगल-जंगल भटके, लेकिन मुगलों के सामने कभी समझौता नहीं किया। उनके त्याग और बलिदान को देश कभी भुला नहीं सकता।
एस.के. विमल ने कहा कि हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान के कारण ही आज भारत माता का अस्तित्व और सनातन धर्म सुरक्षित है। महाराणा प्रताप के जीवन से नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। वहीं दिनकर स्नेही ने कहा कि महाराणा प्रताप ने प्रभु श्रीराम की तरह सभी वर्गों को साथ लेकर संघर्ष किया, जो भारतीय इतिहास में अविस्मरणीय है।
कार्यक्रम के अंत में सभी वक्ताओं और उपस्थित लोगों ने महाराणा प्रताप के तैल चित्र पर सामूहिक रूप से पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की ओर से भारत सरकार एवं बिहार सरकार से मांग की गई कि राष्ट्रीय राजमार्ग का नाम महाराणा प्रताप के नाम पर रखा जाए तथा सभी जिलों में ‘महाराणा प्रताप भवन’ का निर्माण कराया जाए।
कार्यक्रम में अरविंद कुमार सिंह, चंदन सिंह, के.के. चौधरी, दिनकर स्नेही, जय बर्धन सिंह, मिथिलेश सिंह, राणा सिंह, कुमार आनंद, कुंदन सिंह, राहुल सिंह, अवधेश सिंह, एस.के. विमल, रंजन सिंह, अनिल सिंह, डॉ. मनोज, अनुभव सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।
संवाददाता अंग इंडिया संवाददाता



