इंडिगो ने 16 एयरपोर्ट्स पर 717 स्लॉट किए सरेंडर, सर्दियों में उड़ानों के विकल्प घटेंगे

अंग इंडिया संवाददाता/नई दिल्ली/

अगर आप आने वाले दिनों में इंडिगो एयरलाइन से यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए अहम है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने भारत के विभिन्न घरेलू एयरपोर्ट्स पर कुल 717 स्लॉट सरेंडर कर दिए हैं। इसका सीधा असर कुछ रूट्स पर उड़ानों की उपलब्धता पर पड़ सकता है।

यह फैसला डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के निर्देश के बाद लिया गया है। DGCA ने सर्दियों के मौसम में कोहरे और ऑपरेशनल चुनौतियों को देखते हुए इंडिगो के विंटर शेड्यूल में कटौती करने को कहा था। एविएशन मंत्रालय ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य उड़ानों में देरी और आखिरी समय में होने वाली कैंसिलेशन को कम करना है, ताकि यात्रियों को कम असुविधा हो।

इन एयरपोर्ट्स पर पड़ा सबसे ज्यादा असर
इंडिगो ने कुल 16 एयरपोर्ट्स पर स्लॉट्स छोड़े हैं। सबसे ज्यादा असर मुंबई एयरपोर्ट पर पड़ा है, जहां 236 स्लॉट कम किए गए हैं। इसके बाद दिल्ली (150), बेंगलुरु (84), हैदराबाद (68) और पुणे (48) स्लॉट्स सरेंडर किए गए हैं।
इसके अलावा गोवा, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता, जयपुर के साथ-साथ श्रीनगर, पटना, रांची और रायपुर जैसे शहरों में भी उड़ानों की संख्या घटी है। इससे पीक विंटर सीजन में यात्रियों को सीमित विकल्प मिल सकते हैं।

कोहरे के चलते लिया गया फैसला
DGCA के अनुसार उत्तर भारत में सर्दियों के दौरान घना कोहरा उड़ान संचालन में बड़ी बाधा बनता है। कम विजिबिलिटी के कारण देरी और कैंसिलेशन की घटनाएं बढ़ जाती हैं। शेड्यूल में कटौती से इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (OTP) में सुधार आने और यात्रियों की परेशानी घटने की उम्मीद है। इंडिगो ने कहा है कि वह रेगुलेटर्स के सभी निर्देशों का पालन कर रही है और एयरपोर्ट अथॉरिटीज व एयर ट्रैफिक कंट्रोल के साथ मिलकर काम कर रही है।

दूसरी एयरलाइंस को मिल सकता है फायदा
भारतीय घरेलू बाजार में इंडिगो की हिस्सेदारी 60 प्रतिशत से ज्यादा है, लेकिन हाल के महीनों में एयरलाइन को क्रू की कमी, सप्लाई चेन दिक्कतों और मौसम से जुड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। मंत्रालय का मानना है कि बाजार में कुल क्षमता पर्याप्त है और इंडिगो द्वारा छोड़े गए स्लॉट्स एयर इंडिया, अकासा एयर और स्पाइसजेट जैसी अन्य एयरलाइंस को मिल सकते हैं, जिससे वे अपने नेटवर्क का विस्तार कर सकेंगी।

मुनाफे पर भी दिखा असर
पायलटों की कमी और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने के चलते इंडिगो के मुनाफे पर असर पड़ा है। इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का शुद्ध मुनाफा वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में 78% घटकर 550 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2448 करोड़ रुपये था। हालांकि, अक्टूबर-दिसंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू बढ़कर 23,471 करोड़ रुपये हो गया है।

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