अंग इंडिया संवाददाता/पटना/
बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव एक बार फिर पुराने आक्रामक अंदाज में नजर आए। शनिवार को पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल (राजद) कार्यालय में जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने नीतीश सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि अपराध पर कार्रवाई करने के बजाय भाजपा नेता यह प्रचार कर रहे हैं कि उनके बिहार आने से अपराध बढ़ गया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर सरकार उन्हें ही अपराधी मानती है, तो जेल भेज दे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में जीत की नहीं, बल्कि उनकी हार की चर्चा हो रही है, क्योंकि ऐसे नतीजों की किसी को उम्मीद नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव मशीनरी के बल पर जीते गए और जश्न सिर्फ भाजपा और जदयू कार्यालयों में मनाया गया, जबकि जनता ने कहीं भी खुशी नहीं जताई। तेजस्वी का दावा था कि करीब 60 प्रतिशत जनता ने सरकार के खिलाफ वोट दिया, जिससे साफ है कि लोग बदलाव चाहते थे।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं को हाइजैक कर लिया गया है, लेकिन इसके बावजूद राजद अन्याय के खिलाफ संघर्ष करता रहेगा। परिवारवाद के मुद्दे पर भाजपा को घेरते हुए उन्होंने सवाल किया कि सत्ता में बैठे लोग कौन हैं और भाजपा अध्यक्ष किसके बेटे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव हारने वाले नेताओं को मंत्री बनाया गया है और जनता यह सब देख रही है।
तेजस्वी यादव ने संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि बजट सत्र और संसद सत्र के बाद वे जिलावार दौरा करेंगे और बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने सरकार से चुनावी घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की मांग की, जिसमें माताओं-बहनों को एक लाख रुपये देने, कल-कारखाने लगाने और एक करोड़ लोगों को रोजगार देने जैसे वादे शामिल हैं। तेजस्वी ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में गरीबों का राज स्थापित होगा और राजद मजबूती से जनता की आवाज उठाता रहेगा।



