एजेंसी: मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से बढ़ता दिख रहा है, जहां एक ओर अमेरिका ने यूएसएस अब्राहम लिंकन समेत कई युद्धपोत और मिसाइल विध्वंसक जहाज तैनात कर दबाव बढ़ाया है, वहीं दूसरी ओर ईरान को क्षेत्र के कई मुस्लिम देशों का कूटनीतिक समर्थन मिलता नजर आ रहा है।
सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने संकेत दिए हैं कि वे अपने हवाई क्षेत्र का उपयोग किसी संभावित हमले के लिए नहीं होने देंगे, जबकि मिस्र और कतर शांति स्थापना की कोशिशों में जुटे हैं। ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों और उस पर हुई सख्त कार्रवाई को लेकर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को चेतावनी देते हुए कुछ शर्तें सामने रखी हैं, हालांकि सीधे सैन्य कार्रवाई को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
ऐसे में जानकार मान रहे हैं कि बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव और क्षेत्रीय समर्थन के चलते अमेरिका के सामने कूटनीति, प्रतिबंध या सीमित सैन्य कार्रवाई जैसे विकल्प ही शेष बचे हैं।



