पूर्णिया: पूर्णिया में इंसानियत की एक अनूठी तस्वीर देखने को मिली, जब सेवा कुटीर (भिक्षुक गृह) के एक लावारिस लाभार्थी की बीमारी के चलते मेडिकल कॉलेज पूर्णिया में मृत्यु हो गई। सूचना मिलते ही समाजसेवी हेना सईद और रविंद्र कुमार शाह मौके पर पहुंचे और सभी कानूनी व सामाजिक प्रक्रियाएं पूरी कर कप्तानपुर में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार संपन्न कराया, जिसमें कफ़न, चिता की तैयारी और मुखाग्नि तक की जिम्मेदारी निभाई गई।
हेना सईद बीते कई वर्षों से लावारिस और बेसहारा लोगों को सहारा देने, उनके इलाज, देखभाल और जरूरत पड़ने पर अंतिम संस्कार तक का कार्य निस्वार्थ भाव से करती आ रही हैं, जिसमें उन्हें अपने पति, परिवार और सहयोगी रविंद्र कुमार शाह का निरंतर सहयोग मिलता है।
उनका यह कार्य किसी दायित्व से अधिक सामाजिक सीख है, जो आपसी सम्मान, सौहार्द और धर्मों के बीच भाईचारे का संदेश देता है। इसी वजह से हेना सईद आज पूर्णिया में लावारिस लोगों की मसीहा के रूप में जानी जाती हैं और समाज उनके इस पुनीत कार्य के लिए उन्हें नमन करता है।



