पूर्णिया: लगातार 2000 दिनों से साइकिल यात्रा पर निकले यात्री विशाल ने इस अवसर पर एक भावनात्मक संदेश साझा करते हुए उन सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उनकी यात्रा का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भले ही रास्ते अलग हों और मुलाकातें कम हो गई हों, लेकिन लोगों की दुआएँ, शुभकामनाएँ और स्नेह हर कदम पर उनके साथ चलते हैं।
सुनसान सड़कों पर अकेले सफर के बावजूद वह स्वयं को कभी अकेला नहीं महसूस करते, क्योंकि समर्थकों का विश्वास और प्रेम उनकी ताकत बना हुआ है। विशाल ने यह भी कहा कि अनिश्चितताओं से भरी इस यात्रा में लोगों का प्यार उनके लिए रोशनी का काम करता है।
उन्होंने अपनों से आग्रह किया कि यदि संभव हो तो वे अपने साथ बिताए पलों की यादें, अनुभव या भावनाएँ वीडियो या वॉयस संदेश के माध्यम से साझा करें, ताकि वह उन स्मृतियों को अपने सफर के साथ संजोकर आगे बढ़ सकें।


