पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: भाकपा माले एवं अखिल भारतीय खेत-मजदूर सभा के संयुक्त तत्वावधान में भाकपा माले ने गरीब-मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ चलाए जा रहे केंद्र एवं राज्य सरकार के खिलाफ एक आमसभा का आयोजन किया। इसका आयोजन सिंहपुर दियारा पंचायत के पंचायत भवन में किया गया। इसकी अध्यक्षता एपवा नेत्री कामरेड सीता देवी ने किया, वहीं मंच संचालन खेग्रामस जिला सचिव सह माले के जिला कमिटी सदस्य कामरेड चतुरी पासवान ने किया। आमसभा को संबोधित करते हुए माले नेता कामरेड सुलेखा देवी, कामरेड अविनाश पासवान, चंद्रकिशोर शर्मा आदि ने केंद्र एवं राज्य सरकार की गरीब-मजदूर विरोधी नीतियों का जमकर विरोध किया।
उन्होंने कहा कि सरकार आज के दौर में गरीबों-मजदूरों-किसानों के उपर चैतरफा हमला पंचायत से लेकर मोदी, नीतीश, सम्राट सरकार कर रही है। पंचायत में भ्रष्टाचार व्याप्त है, मनरेगा को सर जमीन पर लागू करने के बजाय, योजनाएं कागज पर चल रही हैं। पंचायत प्रतिनिधियों, पदाधिकारियों, विचैलियों के गठजोड के द्वारा मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना में तमाम कल्याणकारी योजनाओं में लूट हो रही है। भीषण शीतलहर के बीच दलित-गरीबों की बस्तियों को उजाडा जा रहा है। वे खुले आसमान में रहने को मजबूर हैं।
यह सिर्फ अमानीय ही नहीं, बल्कि गैर कानुनी भी है। जो गरीब घर बनाकर बसेे हुए हैं, उन्हें उस जमीन का पर्चा पीपीएफ एक्ट 1948 के तहत मिल जाना चाहिए था, परंतु पुराने नये जमीनदार समर्थित तंत्रों ने ऐसा नहीं कर कानुन की अवहेलना ही की है। गरीबों से वोट लेकर गरीबों के साथ विश्वासघात कर रही है। कोर्ट में बिना सुने ही फैसला सुनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि गरीबों को 1948 एक्ट के तहत पर्चा दिया जाए। बुलडोजर की कार्रवायी बंद हो, आवास योजना की राशि बढाकर पांच लाख किया जाए, इसके अलावा भी कार्यकर्ताओं ने सरकार से अनेक मांगें की है।



