पूर्णिया: युवक सूरज बिहारी की निर्मम हत्या के विरोध में शुक्रवार को पूर्णिया में जनआक्रोश देखने को मिला। फोर्ड कंपनी चौक से आर.एन. साह चौक तक आम नागरिकों ने कैंडल मार्च निकालकर दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। मार्च में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की बड़ी भागीदारी रही। कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने कहा कि सूरज बिहारी की हत्या केवल एक युवक की हत्या नहीं, बल्कि शहर की शांति, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था पर सीधा हमला है।
यह घटना बताती है कि अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं और आम नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। वक्ताओं ने तीखे शब्दों में कहा कि घटना के 48 घंटे बीत जाने के बावजूद हत्यारोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जो प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस सरकार ने अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई, इनकाउंटर और बुलडोजर की नीति का दावा किया है, वह इस मामले में मौन क्यों है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह कैंडल मार्च प्रतीकात्मक विरोध है, लेकिन यदि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने “We want justice” के नारों के साथ न्याय की मांग को दोहराया।



