पूर्णिया, अभय कुमार सिंह: किसानों द्वारा अपना पहचान-पत्र बनाने में रूचि नहीं दिखाने से, किसान सम्मान निधि से हजारो किसान वंचित हो सकते हैं। यह बता दें कि सरकार ने जिन किसानों को सम्मान निधि की राशि मिल रही है, उन्हें अब अपना पहचान-पत्र बनवाना अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए प्रखंड क्षेत्र में शिविर लगाये जा रहे हैं, इसके अलावा सभी सीएससी सेंटर में भी किसान पहचान-पत्र बनाए जा रहे हैं, परंतु लाभुक किसान इसके प्रति उदासीन दिख रहे हैं। सीओ शिवानी सुरभि के अनुसार यहां लगभग 29000 किसानों को किसान सम्मान निधि की राशि मिलती है। इसको लेकर लगातार शिविर लगाए जाने तथा सीएससी सेंटरों पर किसानों के रजिष्ट्रेशन कराने की व्यवस्था के बावजूद किसान उदासीन बने हुए हैं।
इसका नतीजा यह है कि अबतक लगभग मात्र 9000 ही किसान अपना पहचान-पत्र बनवा पाए हैं। इस तरह से लगभग 20000 किसान सम्मान निधि से वंचित हो सकते हैं। यह बता दें कि आज बहुत से लोग जिनके पास सभी साधन हैं, उनके नाम बीपीएल में जूडे हुए हैं तथा वे राशनकार्ड के द्वारा मुफत अनाज के अलावा अन्य लाभ ले रहे हैं। उन्हें डर है कि अगर वे अपनी वास्तविक जमीन का व्योरा दे देंगे, तो कहीं वे बीपीएल जैसी महत्वपूर्ण योजना से वंचित हो जाएंगे।
कुछ इन्हीं कारणों से किसान अपना किसान रजिष्ट्रेशन नहीं करवा रहे हैं। सीओ शिवानी सुरभि ने किसानों से अपील की कि वे अपना-अपना रजिष्ट्रेशन करवाकर अपना पहचान-पत्र जरूर बनवा लें, ताकि उन्हें किसान सम्मान निधि बिना रूकावट के मिलता रहे।



