वाराणसी: प्रयागराज संगम स्नान विवाद के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ मोर्चा और तेज कर दिया है। काशी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अब माफी या सम्मान की बात पीछे छूट चुकी है और संत समाज अपनी मूल मांगों को लेकर निर्णायक लड़ाई के मूड में है।
शंकराचार्य ने कहा कि यदि 40 दिनों के भीतर गौ माता को ‘राज्य माता’ घोषित नहीं किया गया और गोहत्या पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो संत समाज लखनऊ पहुंचकर बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान के दौरान संतों, बटुकों और संन्यासियों के साथ प्रशासन ने दुर्व्यवहार किया, जिसके विरोध में उन्हें 11 दिन तक अनशन करना पड़ा और बिना स्नान के ही प्रयागराज से लौटना पड़ा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर हिंदुत्व के मुद्दे पर विफल रहने का आरोप लगाते हुए कहा कि लंबे समय से सत्ता में रहने के बावजूद गोहत्या नहीं रुकना गंभीर प्रश्न है। साथ ही उन्होंने यूजीसी के नए नियमों का विरोध दोहराते हुए कहा कि गोसेवा और गोरक्षा हिंदुत्व की पहली सीढ़ी है और अब सरकार को 40 दिनों में अपने हिंदू होने का प्रमाण देना होगा, अन्यथा आंदोलन को देशव्यापी रूप दिया जाएगा।


