नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी के अंदर पिछले कुछ समय से मचे अंदरूनी विवाद और खींचतान के बीच शशि थरूर ने राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए पार्टी में एकजुटता का स्पष्ट संदेश दिया है। गुरुवार को थरूर, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बीच हुई दो घंटे की बैठक ने इस बात की पुष्टि की कि पार्टी आलाकमान ने थरूर की नाराजगी को दूर करने के लिए सक्रिय कदम उठाए हैं।
थरूर ने बैठक के बाद कहा कि राहुल गांधी एक ईमानदार नेता हैं और देश में सांप्रदायिकता, नफरत और विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ लगातार बोलते रहते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ कभी कोई गलत टिप्पणी नहीं की है और अब वह पूरी तरह से पार्टी की मुख्यधारा में सक्रिय हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य थरूर जैसे प्रभावशाली नेता को पार्टी में फिर से जोड़ना और कांग्रेस की आंतरिक एकजुटता को मजबूत करना था। थरूर के बदलते सुर और उनके बयान यह संकेत देते हैं कि पार्टी के भीतर लंबे समय से चली आ रही खींचतान अब समाप्त होने की ओर है।
इस मुलाकात से यह भी साफ हो गया कि कांग्रेस नेतृत्व ने थरूर की नाराजगी और वैचारिक मतभेदों को गंभीरता से लिया और पार्टी के भीतर सामूहिक नेतृत्व और सहयोग को बढ़ावा देने की कोशिश की। थरूर ने कहा, “सब ठीक है और हम साथ-साथ हैं,” जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस 2026 के चुनावी मोर्चे पर अपने वरिष्ठ नेताओं को एकजुट रखकर रणनीति बनाने में लगी है।



