नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 के दिन शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला और बजट भाषण के बाद निवेशकों की चिंता साफ तौर पर बाजार में झलक गई। शुरुआती कारोबार में सीमित तेजी दिखाने के बाद बाजार अचानक बिकवाली के दबाव में आ गया। बीएसई सेंसेक्स अपने दिन के ऊपरी स्तर से फिसलते हुए 2,300 अंकों तक टूट गया, जबकि एनएसई निफ्टी में भी करीब 600 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशक बजट से बड़े सुधार और टैक्स राहत की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन इनकम टैक्स स्लैब और कैपिटल गेन टैक्स को लेकर कोई बड़ा ऐलान न होने से बाजार का मूड बिगड़ गया।
बजट से पहले सुबह सेंसेक्स और निफ्टी ने हल्की बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत की थी, लेकिन जैसे-जैसे बजट घोषणाएं सामने आईं, बाजार में दबाव बढ़ता चला गया। खासतौर पर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) ट्रेडिंग पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने के प्रस्ताव ने शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स की चिंता बढ़ा दी, जिसका असर सीधे बाजार पर पड़ा। कमोडिटी बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली, जहां सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि इस गिरावट के बीच कुछ सेक्टर्स में चुनिंदा शेयरों ने मजबूती दिखाई। रक्षा क्षेत्र में बड़े बजटीय आवंटन की उम्मीद के चलते Bharat Electronics जैसे डिफेंस शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जबकि इंफ्रा और कैपिटल गुड्स शेयरों में मिला-जुला रुख रहा। इससे पहले पिछले सत्र में भी बाजार में गिरावट दर्ज की गई थी और लगातार तीन दिनों की तेजी पर ब्रेक लगा था, जिससे निवेशकों की सतर्कता और बढ़ गई।
कुल मिलाकर बजट 2026 के दिन शेयर बाजार में भारी अस्थिरता रही। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशक बजट के असर को समझने और नीतिगत फैसलों का आकलन करने में जुटे हैं, जिसके चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले दिनों में सेक्टर आधारित निवेश और वैश्विक संकेत ही बाजार की दिशा तय करेंगे।



