पूर्णिया, विमल किशोर: फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में अमौर ने बड़ा कदम उठाया है। रेफरल अस्पताल अमौर में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एहतमामुल हक ने स्वास्थ्य कर्मियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर किया।उन्होंने कहा कि हाथीपांव जैसी गंभीर और दिव्यांगताकारी बीमारी से बचाव संभव है, बशर्ते लोग साल में एक बार निर्धारित दवा का सेवन करें। अभियान के तहत 27 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पात्र लोगों को अपनी निगरानी में दवा खिलाएंगी।दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी तथा खाली पेट दवा नहीं लेने की सलाह दी गई है। कार्यक्रम में डॉक्टरों, नर्सों और कर्मियों ने स्वयं दवा खाकर लोगों को जागरूकता का संदेश दिया। Post navigationसंयुक्त सचिव बलदेव पुरुषार्थ को डीएम अंशुल कुमार ने किया सम्मानित, भेंट किया महात्मा गांधी का चित्र किसान आईडी पर भ्रम दूर करने की पहल
पूर्णिया, विमल किशोर: फाइलेरिया उन्मूलन की दिशा में अमौर ने बड़ा कदम उठाया है। रेफरल अस्पताल अमौर में मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एहतमामुल हक ने स्वास्थ्य कर्मियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाकर किया।उन्होंने कहा कि हाथीपांव जैसी गंभीर और दिव्यांगताकारी बीमारी से बचाव संभव है, बशर्ते लोग साल में एक बार निर्धारित दवा का सेवन करें। अभियान के तहत 27 फरवरी तक स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर पात्र लोगों को अपनी निगरानी में दवा खिलाएंगी।दो वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को दवा नहीं दी जाएगी तथा खाली पेट दवा नहीं लेने की सलाह दी गई है। कार्यक्रम में डॉक्टरों, नर्सों और कर्मियों ने स्वयं दवा खाकर लोगों को जागरूकता का संदेश दिया।