पूर्णिया: पूर्णिया से पटना जा रही बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह की रात करीब 11 बजे तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उनका काफिला तुरंत बिहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचा, लेकिन यहां जांच में भारी लापरवाही सामने आई—एएनएम हेमा कुमारी ने बीपी 190/150 मापा, जो खतरनाक स्तर था, जबकि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर सैफुल्ला ने दोबारा जांच में 150/80 बताया, जिससे मंत्री को डॉक्टर के नशे में होने का शक हुआ और वे बिना पूरा इलाज कराए पटना रवाना हो गईं।
मंत्री ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को शिकायत की, जिसके बाद आधी रात करीब 1:45 बजे बिहपुर थानाध्यक्ष संतोष कुमार शर्मा पुलिस दल के साथ CHC पहुंचे, लेकिन डॉ. सैफुल्ला पहले ही फरार हो चुके थे। मंगलवार को नवगछिया से हाई लेवल जांच टीम—कार्यपालक दंडाधिकारी सुधीर कुमार, अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. पिंकेश कुमार और उत्पाद विभाग के पदाधिकारी—मौके पर पहुंची और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मुरारी पोद्दार सहित अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की।
स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. सैफुल्ला से स्पष्टीकरण मांगा है, लेकिन उनका फोन बंद है और वे नदारद हैं। एसडीओ नवगछिया रोहित कर्दम ने कहा कि जांच गंभीरता से चल रही है और रिपोर्ट मिलने पर सख्त विभागीय व कानूनी कार्रवाई होगी। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और आपात स्थिति में डॉक्टरों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।



