पूर्णिया: जिला पंचायत संसाधन केंद्र में आयोजित दो दिवसीय ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को अपर समाहर्ता आपदा एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सुजय सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, माईक, प्रोजेक्टर, प्रशिक्षण किट, भोजन और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित पंचायत सचिवों को उनके कार्य दायित्व के अनुरूप आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।विशेष ध्यान बनमनखी, बायसी, वैसा, धमदाहा, अमौर और जलालगढ़ प्रखंडों के सचिवों के प्रशिक्षण पर केंद्रित रहा। अधिकारियों ने प्रतिभागियों के साथ विचार-विमर्श कर ई-गवर्नेंस के महत्व और योजनाओं के डिजिटल क्रियान्वयन में पारदर्शिता के लाभ समझाए। निरीक्षण के अवसर पर DPRC प्रांगण में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने प्रशिक्षण सामग्री और सीखने की प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष आकलन करते हुए नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह को इसे और व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। मास्टर ट्रेनर अखिलेश कुमार साह, फहामुद्दीन अंसारी अंजुम और जिला प्रोग्रामर शशि कुमार कौशल ने ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स पर मार्गदर्शन प्रदान किया। इस पहल से पंचायत सचिवों में डिजिटल सशक्तिकरण की समझ बढ़ेगी और पंचायती राज व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता व दक्षता आएगी। Post navigationAISMA पूर्णिया शाखा की बैठक: रंगपानी हादसे के बाद बर्खास्त कर्मचारियों के समर्थन का ऐलान बिहार किसान मजदूर संघ का चुनाव सम्पन्न, धीरेंद्र यादव बने अध्यक्ष, सुरेश कुशवाहा उपाध्यक्ष
पूर्णिया: जिला पंचायत संसाधन केंद्र में आयोजित दो दिवसीय ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण कार्यक्रम का गुरुवार को अपर समाहर्ता आपदा एवं जिला पंचायत राज पदाधिकारी श्री सुजय सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, माईक, प्रोजेक्टर, प्रशिक्षण किट, भोजन और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं का जायजा लिया और संबंधित पंचायत सचिवों को उनके कार्य दायित्व के अनुरूप आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।विशेष ध्यान बनमनखी, बायसी, वैसा, धमदाहा, अमौर और जलालगढ़ प्रखंडों के सचिवों के प्रशिक्षण पर केंद्रित रहा। अधिकारियों ने प्रतिभागियों के साथ विचार-विमर्श कर ई-गवर्नेंस के महत्व और योजनाओं के डिजिटल क्रियान्वयन में पारदर्शिता के लाभ समझाए। निरीक्षण के अवसर पर DPRC प्रांगण में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।जिला पंचायत राज पदाधिकारी ने प्रशिक्षण सामग्री और सीखने की प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष आकलन करते हुए नोडल पदाधिकारी दीपक कुमार साह को इसे और व्यावहारिक बनाने के निर्देश दिए। मास्टर ट्रेनर अखिलेश कुमार साह, फहामुद्दीन अंसारी अंजुम और जिला प्रोग्रामर शशि कुमार कौशल ने ई-गवर्नेंस प्लेटफॉर्म्स पर मार्गदर्शन प्रदान किया। इस पहल से पंचायत सचिवों में डिजिटल सशक्तिकरण की समझ बढ़ेगी और पंचायती राज व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता व दक्षता आएगी।