प्रिंस कुमार/ अररिया: फारबिसगंज प्रखंड के तिरसकुंड पंचायत स्थित प्राथमिक विद्यालय आदिवासी टोला मधुरा में शुक्रवार को ‘विश्व सामाजिक न्याय दिवस’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों को समाज से भेदभाव मिटाने और समानता को बढ़ावा देने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक कुमार राजीव रंजन ने विश्व सामाजिक न्याय दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह दिवस समाज में एकजुटता, सद्भाव और अवसरों की समानता को बढ़ावा देने का एक वैश्विक माध्यम है। उन्होंने बच्चों को बताया कि गरीबी, बेरोजगारी और असमानता जैसी चुनौतियों से लड़ने के लिए सामाजिक न्याय आवश्यक है।
“संयुक्त राष्ट्र द्वारा शुरू किया गया यह दिवस शांति, सुरक्षा और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित है। भारत में इसे वर्ष 2009 से निरंतर मनाया जा रहा है।”
— कुमार राजीव रंजन, पूर्व प्रधानाध्यापक
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को उनके अधिकारों और बुनियादी कानूनी जानकारियों से भी अवगत कराया गया। प्रधान शिक्षक मिथिलेश कुमार सिंह ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को जोड़ते हुए बताया कि आज ही के दिन (20 फरवरी) भारत के अरुणाचल प्रदेश एवं मिजोरम राज्यों का स्थापना दिवस भी मनाया जाता है।
विद्यालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में न केवल छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, बल्कि बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण भी मौजूद रहे। वक्ताओं ने अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (ILO) की 2008 की घोषणा का जिक्र करते हुए निष्पक्ष वैश्वीकरण और सामाजिक सुरक्षा पर भी जोर दिया।



