पूर्णिया : परौरा स्थित विद्या विहार के ऑडिटोरियम में श्रीराम सेवा संघ का 12वां स्थापना दिवस अत्यंत उत्साह, श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न होकर भारतीय संस्कृति, सनातन मूल्यों और सामाजिक एकता का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में संगठन के सदस्य (सैनिक) एवं समाज के विभिन्न वर्गों से आए सम्मानित लोगों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया।
इस अवसर पर संस्थापक राणा प्रताप सिंह, संचालक आतिश सनातनी, महिला विंग की अध्यक्ष पल्लवी मिश्रा, कात्यायनी मिश्रा, मुरारी सिंह तथा विद्या विहार के निदेशक राजेश मिश्रा सहित संगठन के सभी सदस्यों, युवाओं और मातृशक्ति की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सभी के सामूहिक प्रयास से कार्यक्रम अनुकरणीय स्वरूप ग्रहण कर सका। कार्यक्रम के दौरान समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। सम्मानस्वरूप उन्हें भगवान श्रीराम अंकित पट्टिका एवं हनुमान जी की गदा का प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया, जिस पर हनुमान चालीसा अंकित थी। यह विशेष गदा पूर्णिया के प्रसिद्ध चित्रकार गुल्लू दा द्वारा तैयार की गई थी, जो स्थानीय कला और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है।
मंच संचालन स्वयं संस्थापक राणा प्रताप सिंह ने प्रभावशाली ढंग से किया। उन्होंने सभी अतिथियों का परिचय उनके सामाजिक योगदान के साथ कराया और उनके कार्यों की सराहना की। सम्मान के दौरान सभागार तालियों की गूंज से बार-बार मुखरित होता रहा। सम्मानित व्यक्तियों में जिले के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. ए.के. गुप्ता प्रमुख रहे। इसके उपरांत डॉ. विकास कुमार एवं डॉ. तारकेश्वर को भी सम्मानित किया गया। समाजसेवी दंपति डॉ. अंगद चौधरी एवं डॉ. आभा चौधरी को विशेष सम्मान प्रदान किया गया, जिनकी सेवाएं समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
इसके अतिरिक्त सेवानिवृत्त डीएसपी एस.के. सरोज, मनोज पटोडिया, परिमल सिंह, पांचजन्य के पत्रकार अंबुज भारद्वाज, मिथिला स्टूडेंट यूनियन के अविनाश मिश्र, बुद्धन सिंह एंड टीम, श्री राम जानकी महावीर मंदिर समिति, चित्रवाणी सेवा समिति एवं करण यादव सहित कई गणमान्य व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह सामाजिक समरसता और विविधता में एकता का प्रतीक बना। कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित पत्रकारों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें प्रेस क्लब पूर्णिया के अध्यक्ष नंदकिशोर सिंह शामिल थे। साथ ही साइकलिंग एसोसिएशन के सदस्यों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
महिला सशक्तिकरण को भी कार्यक्रम में विशेष स्थान दिया गया। समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय महिलाओं को सम्मानित किया गया। विशेष रूप से पूजा कुमारी को उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया, जिन्होंने एक असहाय बालिका को संरक्षण देकर सुरक्षित उसके अभिभावकों तक पहुंचाया। उनका यह कार्य “नारी शक्ति” और “संस्कार” का प्रेरक उदाहरण बना। पूरे कार्यक्रम के दौरान “जय श्रीराम”, “जय हनुमान” और “जय बजरंगबली” के उद्घोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं द्वारा हाथों में गदा के प्रतीक चिन्ह और लाल पट्टा (श्रीराम वंदन) धारण किए जाने से परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर ब्रेन डिस्कवरी स्कूल के बच्चों ने रामायण पर आधारित एक लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसमें भगवान श्रीराम के आदर्श, मर्यादा और धर्म पालन के संदेश को सजीव रूप में प्रस्तुत किया गया। बच्चों की प्रस्तुति ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जब समाज अपने संस्कारों और परंपराओं से जुड़ता है, तो वह न केवल सशक्त होता है बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक भी बनता है। श्रीराम सेवा संघ का यह प्रयास युवाओं को धर्म, सेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के उपरांत विद्या विहार स्कूल के कैंटीन में 200 से अधिक लोगों के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई, जहां सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। साथ ही पूर्णिया डिजिटल मीडिया की टीम द्वारा कुंदन कुमार के निर्देशन में कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया, जिसे विभिन्न माध्यमों पर व्यापक रूप से देखा गया।
संस्कार, अनुशासन और सनातन परंपराओं के संगम से सुसज्जित यह आयोजन भव्य, प्रेरणादायक और अविस्मरणीय रहा।



