पूर्णिया / किशन : परीक्षा का समय किसी भी विद्यार्थी के लिए तनाव से भरा होता है। ऐसे में यदि प्रवेश पत्र पर हस्ताक्षर के नाम पर उन्हें कॉलेज-कॉलेज भटकना पड़े, तो यह तनाव कई गुना बढ़ जाता है। इसी स्थिति को देखते हुए पूर्णिया विश्वविद्यालय ने स्पष्ट संदेश जारी किया है कि अब परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र पर प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर के लिए इधर-उधर दौड़ाया नहीं जाएगा।
हाल के दिनों में स्नातक तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा के दौरान कुछ परीक्षा केंद्रों पर छात्रों से कहा गया कि बिना हस्ताक्षर के उन्हें परीक्षा कक्ष में बैठने नहीं दिया जाएगा। इस सूचना से कई छात्र घबराहट में अपने कॉलेजों की ओर भागे, जबकि परीक्षा का समय नजदीक था। इस अव्यवस्था की शिकायत विश्वविद्यालय तक पहुँची, जिसके बाद परीक्षा विभाग ने तत्काल सख्त रुख अपनाया।
सहायक परीक्षा नियंत्रक डॉ० कुलभूषण मौर्या ने साफ कर दिया है कि प्रवेश पत्र पर किसी प्रकार के अतिरिक्त हस्ताक्षर की अनिवार्यता नहीं है। परीक्षार्थी केवल अपना प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र लेकर सीधे परीक्षा केंद्र में प्रवेश पा सकते हैं। यदि कोई केंद्राधीक्षक या कर्मी इस नियम के विपरीत छात्रों को परेशान करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध परीक्षा नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी।

विश्वविद्यालय का यह निर्णय केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सुविधा और मानसिक शांति को प्राथमिकता देने की पहल है। हजारों परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ी इस परीक्षा में अब कागजी औपचारिकताओं के नाम पर उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा।


