पूर्णिया : पूर्णिया विश्वविद्यालय में प्रथम सेमेस्टर के परिणाम में पेंडिंग एवं प्रमोटेड स्थिति के कारण बड़ी संख्या में छात्र–छात्राओं को पंजीयन प्रपत्र भरने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने अपनी परीक्षाएँ दे दी हैं और अब परिणाम जारी होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन इसी बीच पंजीयन की निर्धारित तिथि तथा विलंब शुल्क के साथ प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि समाप्त हो चुकी है। ऐसे में कई छात्रों के सामने अपने शैक्षणिक सत्र से वंचित हो जाने का खतरा खड़ा हो गया है।इस समस्या को लेकर छात्र नेताओं का एक शिष्टमंडल छात्र कल्याण पदाधिकारी से मिला और लिखित आवेदन देकर आग्रह किया कि पेंडिंग एवं प्रमोटेड छात्रों का परीक्षा परिणाम अविलंब घोषित किया जाए। साथ ही, ऐसे छात्रों के लिए पंजीयन की तिथि नए सिरे से निर्धारित कर छात्रहित में राहत दी जाए।छात्र नेता नितीश पासवान ने कहा कि परिणाम लंबित रहने से छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। वहीं छात्र नेता रितेश यादव ने आशंका जताई कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आगामी परीक्षा प्रपत्र भरने की तिथि घोषित होते ही ये छात्र पूरी प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे और उनका सत्र बर्बाद हो सकता है।छात्र नेता चंदन कुमार ने बताया कि पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज और अररिया सहित विभिन्न जिलों से छात्र लगातार परीक्षा विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। कई छात्रों ने अपने-अपने महाविद्यालयों में छह माह से लेकर एक वर्ष पूर्व तक आवेदन दे रखा है, फिर भी अब तक उनका निराकरण नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस देरी की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है या महाविद्यालय प्रशासन की—परंतु इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर शीघ्र समाधान निकालने और छात्रों को राहत देने की मांग की है।इस मौके पर सृष्टि कुमारी, नीतू कुमारी, रितिक राज, प्रवीण ठाकुर, नितिन कुमार, कन्हैया ठाकुर, नीतीश कुमार, करण झा सहित कई छात्र उपस्थित रहे। Post navigationपूर्णियाँ विश्वविद्यालय में UG सत्र 2026–30 नामांकन समर्थ पोर्टल से, 14–20 मई ऑनलाइन आवेदन प्रस्तावित