Pune Driver Sets Fire to Vehicle : सैलरी न बढ़ने से नाराज एक ड्राइवर ने गुरुवार सुबह पुणे के हिंजवडी इलाके में कर्मचारियों से भरी टैंपो ट्रैवलर में आग लगा दी। इस भयानक घटना में चार कर्मचारियों की जलकर मौत हो गई, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी। आरोपी ड्राइवर की पहचान जनार्दन हंबर्डेकर के रूप में हुई है, जो वयोमा ग्राफिक्स कंपनी का कर्मचारी था।
घटना का विवरण: सुबह का खौफनाक मंजर
यह घटना सुबह करीब 8 बजे की है, जब टैंपो ट्रैवलर कंपनी के 14 कर्मचारियों को लेकर हिंजवडी में दसॉल्ट सिस्टम्स के ऑफिस जा रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ड्राइवर ने अचानक वाहन रोककर उसमें आग लगा दी और खुद कूदकर भाग गया। आग इतनी तेजी से फैली कि पीछे बैठे चार कर्मचारी—शंकर शिंदे (63), राजन चव्हाण (42), गुरुदास लोखरे (45) और सुभाष भोसले (44)— आपातकालीन दरवाजा खोलने में नाकाम रहे और जल गए। छह अन्य को बर्न इंजरी हुई, जिनमें से दो की हालत नाजुक है।
सैलरी विवाद बना कारण
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि ड्राइवर जनार्दन सैलरी न बढ़ने और कुछ कर्मचारियों से पुरानी रंजिश से नाराज था। डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (पिंपरी-चिंचवड) विशाल गायकवाड़ ने बताया, “आरोपी ने बेंजीन का इस्तेमाल कर आग लगाई। यह बदले की कार्रवाई थी।” सीसीटीवी फुटेज में ड्राइवर को जलते वाहन से कूदकर भागते देखा गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है और आगे की जांच जारी है।
कंपनी और कर्मचारियों की प्रतिक्रिया
वयोमा ग्राफिक्स ने घटना पर दुख जताते हुए कहा, “हम अपने कर्मचारियों के परिवारों के साथ हैं और हर संभव मदद करेंगे।” घायल कर्मचारियों का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। मृतकों के परिजनों ने कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
कानूनी कार्रवाई और जनता का गुस्सा
आरोपी के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना से आक्रोशित हैं। एक यूजर ने लिखा, “सैलरी का गुस्सा कर्मचारियों पर निकालना शर्मनाक है। सख्त सजा मिलनी चाहिए।”



